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मेरठ में नमो भारत और मेरठ मेट्रो के स्टेशनों पर पेंटिंग के जरिए शहर का गौरवशाली इतिहास दर्शाया गया है. भैंसाली मेट्रो स्टेशन पर प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, खेल हब, कैंची व बैंड उद्योग से जुड़ी झलकियां दिखती हैं. पास स्थित राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय में एलईडी तकनीक से ऐतिहासिक जानकारी मिलती है. 23 किमी कॉरिडोर में 13 स्टेशन बनाए गए हैं.
मेरठ : पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ में जहां नमो भारत और मेरठ मेट्रो ट्रेन के माध्यम से यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं वाले सफर का आनंद मिलेगा. वहीं सभी स्टेशनों पर पेंटिंग के माध्यम से मेरठ के इतिहास को भी दर्शाया गया है. जिससे कि जो भी यात्री मेरठ में सफर करें वह सभी मेरठ के गौरवमय इतिहास से भी रूबरू हो सकें. ऐसे में लोकल-18 की टीम द्वारा भी मेरठ के भैसाली स्टेशन पर ग्राउंड रिपोर्ट करते हुए पेंटिंग का जायजा लिया.
सभी स्टेशनों पर दिखेगा मेरठ का इतिहास
मेरठ साउथ से लेकर मोदीपुरम तक के सभी स्टेशनों पर बेहद खास तरीके से हर्षिता सहित अन्य लोगों द्वारा पेंटिंग की गई है. जिसके माध्यम से आप मेरठ के इतिहास से रूबरू हो सकते हैं. इन पेंटिंग की अगर बात की जाए तो उसमें जहां प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर विभिन्न प्रकार की पेंटिंग आपको देखने को मिलेंगी. जिसमें विभिन्न गतिविधियों को दर्शाया गया है. वहीं दूसरी ओर जिस तरीके से मेरठ स्पोर्टस के क्षेत्र में हब माना जाता है. उससे संबंधित भी पेंटिंग आपके यहां देखने को मिलेगी. इतना ही नहीं कैची उद्योग, बैंड बाजा उद्योग से संबंधित विभिन्न प्रकार की पेंटिंग को भी यहां बनाया गया है. जिससे कि जो भी यात्री यहां आएं वह सभी मेरठ के बारे में जान सके.
राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का भी कर सकते हैं अवलोकन
मेरठ के भैंसाली मेट्रो स्टेशन की अगर बात की जाए तो इसमें कुल तीन गेट बनाए गए हैं, एक गेट इसका राजकीय स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के पास बना हुआ है, जिससे कि आप दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों से जब मेरठ के भैंसाली स्टेशन पर मेट्रो के माध्यम से पहुंचेंगे तो आप संग्रहालय के गेट से निकासी करते हुए प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित विभिन्न ऐतिहासिक तथ्यों का भी अवलोकन कर सकें. यह बेहद खास तरीके से हाईटेक पद्धति से तैयार किया गया है. जहां आप एलईडी एवं अन्य माध्यमों से भी प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित देश के विभिन्न कोनों में हुई आजादी की सभी घटनाओं से रूबरू हो सकते हैं.
वहीं,यहां पर अमर जवान ज्योति भी प्रज्वलित है. जहां आप क्रांतिकारियों को नमन कर सकते हैं. इसी के साथ ही अशोक स्तंभ भी बना हुआ है. जिसमें प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में मेरठ में जिन लोगों ने भूमिका निभाई थी, उनके बारे में जान सकते हैं. उनके नाम उल्लेख हैं. इसी तरीके से अन्य विवरण भी यहां आपको देखने में सुनने को मिलेगा. दरअसल मेरठ के कॉरिडोर की अगर बात करें तो कुल 23 किलोमीटर परिक्षेत्र में 13 स्टेशन बनाए गए हैं. जहां से मेरठ वासी नमो भारत ट्रेन में 120 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड के माध्यम से सफर कर सकते हैं.
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पिछले एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हूं. 2010 में प्रिंट मीडिया से अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत की, जिसके बाद यह सफर निरंतर आगे बढ़ता गया. प्रिंट, टीवी और डिजिटल-तीनों ही माध्यमों म…और पढ़ें

