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अमेठी जिले में वर्तमान समय में 13 कस्तूरबा गांधी विद्यालय संचालित है जहां छात्राओ को आठवीं तक की पढ़ाई के लिए व्यवस्थाएं मिलती हैं. वर्तमान में भेटुआ ब्लॉक में केजीवीबी में इंटर तक कक्षाएं संचालित हो रही हैं और हॉस्टल की व्यवस्था भी है. वहीं मुसाफिरखाना और जगदीशपुर ब्लॉक में हॉस्टल की सुविधा है, जहां रहकर छात्राएं नजदीकी इंटर कॉलेजों में शिक्षा ले रही हैं.
अमेठी: बेटियों को पढ़ाई करने के लिए अब दूसरे स्कूलों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा. आठवीं तक पढ़ने वाली बेटियां अब आगे की पढ़ाई भी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में पूरी कर सकेंगी और यहां पर इन्हें हाईटेक सुविधा दी जाएगी. अमेठी के सभी 13 ब्लॉकों में 12वीं तक की पढ़ाई और हॉस्टल सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी लगभग पूरी कर ली गई है. नए सत्र से छात्राएं कस्तूरबा विद्यालय परिसर में रहकर ही कक्षा 12वीं तक शिक्षा प्राप्त कर सकेंगी.
13 विद्यालय होंगे हाईटेक, 12 तक के कक्षा का होगा निर्माण
जिले के कुछ विद्यालय ऐसे हैं जहां पर वर्तमान समय में कक्षा 9 की क्लास नहीं है. ऐसे में कक्षा 9 की पढ़ाई के लिए छात्रों को बाहर न जाना पड़े इसके लिए व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं. जिसमें उन्हें रहने के साथ आवासीय सुविधा के अलावा कक्षा 9 की पढ़ाई भी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. इसके लिए भादर, संग्रामपुर, गौरीगंज, बहादुरपुर, सिंहपुर और शाहगढ़ ब्लॉक में एकेडमिक ब्लॉक और हॉस्टल का निर्माण कार्य करीब-करीब तैयार हो चुका है. भवन विभाग को हैंडओवर करने के लिए तैयार हैं और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं.
तिलोई ब्लॉक में भी होस्टल का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. जहां छात्राएं रहकर नज़दीक के इंटर कॉलेज में पढ़ाई करेंगी तो वहीं जामो, बाजारशुक्ल और अमेठी ब्लॉक में भी करीब 85 से 90 फ़ीसदी निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. अधिकारियों को उम्मीद है कि नए सत्र से पहले सभी भवन पूरी तरह तैयार कर लिए जाएंगे. इससे 8वीं पास करने वाली छात्राओं को अपने ही विद्यालय या निकटवर्ती इंटर कॉलेज में एडमिशन मिल सकेगा और उनकी पढ़ाई में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आएगा.
जल्द ही भवन का होगा हैंडओवर
अमेठी बीएसए संजय तिवारी ने लोकल 18 सें बातचीत में बताया कि जिन भवनों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है. उनके हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. फर्नीचर, टीएलएम के साथ अन्य आवश्यक सामानों की खरीद के लिए शासन से धन की मांग की गई है. संसाधन उपलब्ध होते ही विद्यालयों को पूर्ण रूप से संचालित कर दिया जाएगा. इस पहल से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों को विशेष लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि आठवीं के बाद जब नवमी की पढ़ाई बेटियों को मिलेगी तो उन्हें एक ही विद्यालय में आसानी होगी इसके साथ ही आवासीय सुविधा से उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त खर्च वहन करने की जरूरत नहीं होगी और उन्हें भविष्य बेहतर करने में मदद मिलेगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें


