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Araria Success Story: अररिया के लाल मोहन गांव निवासी किसान राम कुमार महेता ड्रिप सिंचाई से बैंगन की खेती कर सालाना 5 लाख तक मुनाफा कमा रहे हैं. वह इसकी खेती के लिए बीज को दूसरे राज्यों से मंगवाते हैं. जहां अन्य सब्जियों की मदद से वह सालाना 10 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा लेते हैं.
अररिया : बिहार के अररिया जिले में जैसे-जैसे खेती किसानी में समय बदलता जा रहा है. वैसे-वैसे किसान भी खेती किसानी में भी नये-नये तौर तरीके अपना रहे हैं. किसान अब पारंपरिक तौर पर होने वाली खेती से हटकर अन्य खेती की ओर ध्यान दे रहे हैं, जिससे उनकी आय में बढ़ोतरी हो सके. दरअसल, कई बार सिर्फ फसलों पर निर्भरता के कारण किसानों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. यही वजह है कि किसान अब परंपरागत खेती के साथ साथ सब्जियों की खेती करने पर जोर दे रहे हैं. जिसमें बैंगन ,लौकी, कददू, खीरा, झींगा, टमाटर, फुल गोभी आदि शामिल है. ऐसे में यहां के किसानों के लिए बैंगन की खेती काफी फायदेमंद साबित हो रही है. इसकी बाजार में डिमांड भी बहुत ज्यादा रहती है, जिससे किसान लाखों रुपए का मुनाफा कमा रहे हैं.
इस विधि से करें बैंगन की खेती
अररिया जिले के लाल मोहन गांव निवासी किसान राम कुमार महेता बैंगन की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि कैसे किसानों को बैंगन की खेती करनी चाहिए, जिससे कम लागत में ज्यादा मुनाफा होने की संभावना रहती है. किसान ने बताया कि इसकी खेती से पहले सही विधि को चुनना चाहिए. इसके साथ ही सही बीजा का ही बुआई में प्रयोग करें. तभी किसानों की आमदनी बढ़ सकती है.
बाहर से मंगवाते हैं बैंगन का बीज
किसान राम कुमार ने लोकल 18 से बताया कि बैंगन की खेती से यहां किसान ज्यादा मजबूत हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि बैंगन की खेती के लिए यहां की जमीन बहुत अच्छी है. उन्होंने यह भी बताया कि हम बाहर से दूसरे राज्यों से बैंगन की बीज मंगवाते हैं. इसके बाद ही बैंगन की खेती करते हैं.
जानें कैसे लगाएं पौधे
किसान राम ने बताया कि बैंगन की बुवाई काफी सही तरीके से होना जरूरी है. जहां दो पौधों और दो क्यारियों के बीच करीब 60 सेमी की दूरी होनी चाहिए. बीज को रोपने से पहले 4-5 बार खेत की अच्छी तरह जुताई होनी चाहिए. जब सिंचाई की आवश्यकता हो तो सिंचाई भी की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि हम ड्रिप सिंचाई (टपक सिंचाई) एक आधुनिक सूक्ष्म-सिंचाई विधि है, जिसमें पानी और उर्वरकों (फर्टिगेशन) को पाइपों के नेटवर्क के जरिए सीधे पौधों की जड़ों में बूंद-बूंद करके पहुचाया जाता है. यह विधि 90 प्रतिशत तक पानी की बचत करती है और वाष्पीकरण व अपव्यय को कम करती है, जिससे पैदावार बढ़ सकती है. यह खारी, रेतीली और ऊबड़-खाबड़ भूमि के लिए उपयुक्त मानी जाती है.
सालाना होता है 5 लाख का मुनाफा
किसान राम कुमार महेता ने बताया कि वह 1 एकड़ जमीन पर बैंगन की खेती कर रहे हैं. जहां प्रति एकड़ जमीन पर बैंगन की खेती बढ़िया से उपज जाए और भाव बढ़िया रहा किसान 1 एकड़ जमीन पर लगभग 4-5 लाख रुपए से अधिक की कमाई आसानी से कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि हम सभी अलग-अलग सीजन के हिसाब से पुरे साल भर सब्जियों की खेती करते हैं. जहां सब्जियों की खेती से वह सालाना 10 लाख रुपये तक का मुनाफा कमा सकते हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें


