अररिया: स्ट्रॉबेरी खेती से किसानों को लाखों की कमाई, तरीका जानें

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अररिया: अब तक धान, मक्का और गेहूं की फसलों के लिए पहचाना जाने वाला बिहार का अररिया जिला आज कृषि के क्षेत्र में एक नई कहानी लिख रहा है. जहां एक ओर किसान पीढ़ियों से पारंपरिक फसलों पर निर्भर थे. वहीं, अब वे बदलते समय की मांग को समझते हुए आधुनिक और लाभकारी खेती की ओर बढ़ रहे हैं. इस बदलाव की शुरूआत सबसे पहले जिले के रानीगंज प्रखंड के छररा पट्टी गांव में महसूस की जा सकती है. यहां किसान बड़े स्तर पर स्ट्रॉबेरी की खेती कर तगड़ी कमाई कर रहे हैं. आइये जानते हैं इस खेती के बारे में.

यहां गांव के किसान घोलटू कुमार एक एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि 90 दिनों में ये फसल तैयार होती है. जहां एक सीजन में लगभग 8 लाख रुपए से अधिक की वह कमाई करते हैं. उन्होंने बताया कि वह यहां 5 सालों से स्ट्रॉबेरी की खेती करते चले आ रहे हैं.

जानें कैसे करें स्ट्रॉबेरी की खेती

किसान घोलटू कुमार ने लोकल 18 से बताया कि उन्होंने करीब एक एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी के पौधे लगाए हैं. एक पौधा उन्हें लगभग 13 रुपये का पड़ा हुआ है. वह इस पूरी खेती में ‘मल्चिंग विधि’ और ‘ड्रिप सिंचाई’ तकनीक का इस्तेमाल करते हैं. इसकी सबसे खास बात यह है कि ड्रिप का पूरा सेटअप खुद के द्वारा ही लगाया गया है. अगर लागत की बात करें तो एक एकड़ में खेती करने में करीब 3 से 4 लाख रुपये का खर्च आता है. वहीं, कमाई देखें तो उन्हें बाजार में स्ट्रॉबेरी की कीमत लगभग 400-500 रुपये प्रति किलो तक मिल जाती है.

एक एकड़ खेती से कर रहे हैं बंपर कमाई

किसान घोलटू कुमार बताते हैं कि सरकार की योजनाओं और प्रोत्साहन से प्रेरित होकर उन्होंने स्ट्रॉबेरी की खेती का सपना देखा. इसकी शुरुआत आसान नहीं थी. क्योंकि इसकी खेती के लिए उनके पास पर्याप्त जानकारी भी नहीं थी. इसके अलावा न ही पौधों की व्यवस्था थी, लेकिन उन्होंने हार मानने की बजाय इसे एक प्रयोग के तौर पर अपनाया. जहां उन्होंने पुणे से स्ट्रॉबेरी के पौधे मंगवाए गए और सावधानीपूर्वक खेतों में लगाया. फिर धीरे-धीरे फसल तैयार हो गई. आज वह घर बैठे ही तगड़ी कमाई कर रहे हैं.

बाजार में बढ़ी है स्ट्रॉबेरी की मांग

किसान घोलटू कुमार ने बताया कि उनके जैसे कई किसान आज गांव में सिर्फ स्ट्रॉबेरी की खेती कर रहे हैं. यहां के किसानों को विशेष लाभ भी मिल रहा है. किसान बताते हैं कि स्ट्रॉबेरी की खेती भले ही पारंपरिक फसलों की तुलना में थोड़ी महंगी है, लेकिन इससे होने वाला लाभ बहुत अधिक है. जहां एक एकड़ में पौधे, ड्रिप सिस्टम, जैविक खाद और देखरेख का खर्च भले ही ज्यादा होता है, लेकिन बाजार में स्ट्रॉबेरी की मांग और कीमत दोनों अच्छी होने से आमदनी कई गुना बढ़ जाती है. उन्होंने बताया कि सिर्फ 90 दिनों में वह लाखों रुपए का मुनाफा कमा लेते हैं.



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