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आंवला स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन या कुछ विशेष परिस्थितियों में यह नुकसानदायक हो सकता है. खाली पेट लेने, ज्यादा मात्रा में खाने, लो ब्लड शुगर या सर्जरी के आसपास इस्तेमाल करने पर यह एसिडिटी, पेट दर्द, रक्तस्राव और कमजोरी जैसी समस्याएँ पैदा कर सकता है। विशेषज्ञ डॉ. गीतिका शर्मा की सलाह है कि इसे सीमित मात्रा में ही लें.
आंवले का अत्यधिक सेवन या कुछ विशेष शारीरिक स्थितियों में यह नुकसानदायक हो सकता है. यह एसिडिटी, पेट में जलन, कब्ज, दस्त, ब्लड शुगर कम होना, और रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकता है. इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए.
एक्सपर्ट डॉ गीतिका शर्मा ने बताया कि खाली पेट या अत्यधिक सेवन करने पर यह एसिडिटी, जलन और पेट खराब जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. चूंकि आंवला विटामिन C से भरपूर होता है. इसकी उच्च अम्लीय प्रकृति संवेदनशील पेट या हाइपरएसिडिटी वाले लोगों में एसिड रिफ्लक्स बढ़ा सकती है.
लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) वाले लोगों के लिए आंवले का बहुत अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है. आंवला रक्त शर्करा के स्तर को काफी कम करता है. यदि आपका शुगर लेवल पहले से ही कम है. तो आंवला इसे और कम कर सकता है. जिससे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी हो सकती है.
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सर्जरी से दो सप्ताह पहले और बाद में आंवले का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को पतला कर सकता है. जिससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है. यह ब्लीडिंग जोखिम को बढ़ाता है और ब्लड शुगर/बीपी में उतार-चढ़ाव कर सकता है.
आंवले का सेवन उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है जिन्हें इससे एलर्जी है. यह एक दुर्लभ प्रतिक्रिया है. लेकिन एलर्जी होने पर खुजली, पित्ती, त्वचा पर चकत्ते, सूजन, या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. इसके अलावा, अत्यधिक सेवन से एसिडिटी, पेट दर्द, लो ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन की समस्या भी बढ़ सकती है.
अत्यधिक आंवला खाने या लगाने से बालों और त्वचा में रूखापन और डैंड्रफ की समस्या हो सकती है. आंवला में मौजूद प्राकृतिक टैनिन और एस्ट्रिंजेंट गुण बालों की प्राकृतिक नमी को कम कर सकते हैं. इसके अलावा, इसके मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है.
वैसे तो यह सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में सेवन से दस्त, एसिडिटी और पेट में ऐंठन हो सकती है. गर्भावस्था में किसी भी प्राकृतिक उपाय से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है.


