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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके देश का व्यापार घाटा 78 फीसदी कम हो चुका है और साल 2026 खत्म होने से पहले ही यह ट्रेड सरप्लस में आ जाएगा. ट्रंप ने दावा किया कि यह उपलब्धि दुनिया के तमाम देशों पर टैरिफ लगाने के बाद ही आई है. पहले चीन के साथ सबसे ज्यादा व्यापार घाटा रहता था, लेकिन अब यह मोमेंटम ताईवान, मैक्सिको और वियतनाम की तरफ शिफ्ट हो रहा है.
अमेरिका के व्यापार घाटे में 78 फीसदी तक गिरावट आई है.
नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले साल जनवरी में जबसे कुर्सी संभाली है, पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा रखी है. क्या दोस्त और क्या विरोधी, उन्होंने सभी देशों पर टैरिफ लगाकर अमेरिका का भला करने का दावा किया. अब उनकी रणनीति रंग ला रही है और अमेरिका पहली बार अपने व्यापार घाटे से उबरता दिख रहा है. ट्रंप ने दावा किया है कि टैरिफ की वजह से अमेरिका का व्यापार घाटा 78 फीसदी तक रिकवर हो गया है और साल 2026 में अमेरिका ट्रेड सरप्लस में भी आ जाएगा. अगर ऐसा होता है तो ट्रंप पहले ऐसे राष्ट्रपति होंगे, जो अमेरिका को व्यापार घाटे से उबार लाएंगे.
राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर लिखा, अमेरिका का व्यापार घाटा तेजी से कम हो रहा है. अनुमान है कि साल 2026 में पहली बार अमेरिका व्यापार घाटे से उबरकर व्यापार अधिशेष में पहुंच जाएगा. अभी तक 78 फीसदी ट्रेड डेफिसिट की रिकवरी हो चुकी है. यह गिरावट दुनियाभर के देशों पर लगाए टैरिफ की वजह से आई है. ट्रंप ने भारत सहित अपने करीब 50 कारोबारी देशों पर टैरिफ लगाया था और इससे अमेरिका को अरबों डॉलर की कमाई हुई है.
अमेरिका को कितना व्यापार घाटा
हालिया आंकड़े देखें तो अमेरिका का व्यापार घाटा काफी ज्यादा दिखता है. बीते साल नवंबर, 2025 में ही उसका व्यापार घाटा करीब 57 अरब डॉलर था, जबकि पूरे साल 2025 में अमेरिका का व्यापार घाटा करीब 900 अरब डॉलर यानी करीब 81 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है. इतना ही नहीं, साल 2024 में तो यह व्यापार घाटा 918 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. हालांकि, ट्रंप के टैरिफ वॉर से इस घाटे की काफी हद तक भरपाई हो चुकी है.
किस देश से सबसे ज्यादा घाटा
अमेरिका का व्यापार घाटा पहले तो सबसे ज्यादा चीन के साथ रहता था, लेकिन टैरिफ वॉर शुरू होने के बाद चीन से निर्यात कम हो गया तो व्यापार घाटे में भी नरमी आई. अब अमेरिका का सबसे ज्यादा व्यापार घाटा मैक्सिको, वियतनाम और अन्य छोटे देशों में शिफ्ट हो रहा है, क्योंकि अमेरिका ने अपने आयात की रणनीति में बदलाव किया है. साल 20225 की बात करें तो उसका सबसे बड़ा व्यापार घाटा चीन के साथ ही 189 अरब डॉलर का रहा. मैक्सिको से भ्ज्ञी 183 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ है. वियतनाम से अमेरिका को 172 अरब डॉलर का व्यापार घाटा तो ताईवान से भी 133 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ है.
2024 में चीन से रिकॉर्ड व्यापार घाटा
टैरिफ की वजह से चीन के निर्यात और व्यापार घाटे दोनों में गिरावट आई है, क्योंकि साल 2024 में चीन के साथ अमेरिका का व्यापार घाटा करीब 295 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. वैसे तो यह मैक्सिको और वियतनाम की तरफ शिफ्ट हुआ है, लेकिन अब भी चीन के साथ उसका व्यापार घाटा काफी ज्यादा है. अब जैसा कि ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका के व्यापार घाटे में 78 फीसदी कमी आई है तो निश्चित रूप से उसका व्यापार घाटा गिरकर 100 अरब डॉलर के आसपास ही रह जाएगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें


