Last Updated:
आजमगढ़ जिले की ब्लैक पॉटरी उद्योग स्थानीय पहचान के साथ-साथ रोजगार का मुख्य साधन बन चुकी है. निजामाबाद में बनने वाली यह पॉटरी न सिर्फ भारत में, बल्कि विदेशों में भी एक्सपोर्ट होती है, जिससे व्यापारियों को अच्छा मुनाफा मिलता है. कम लागत में शुरू होने वाला यह व्यवसाय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बेहतरीन माध्यम बन सकता है.
आजमगढ़. जिले की पहचान मानी जाने वाली ब्लैक पॉटरी जहां एक तरफ आजमगढ़ जनपद को विश्व पटल पर एक नई पहचान दे रही है. वहीं यह पॉटरी उद्योग लोगों के लिए रोजगार का एक मुख्य साधन भी बना हुआ है. हर साल निजामाबाद में बनने वाली ब्लैक पॉटरी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी एक्सपोर्ट की जाती है, जिससे व्यापारियों को तगड़ा मुनाफा कमाने का मौका मिलता है. ऐसे में व्यावसायिक दृष्टि से ब्लैक पॉटरी का उद्योग नए युवाओं के लिए भी रोजगार का एक बेहतरीन माध्यम बन सकता है.
विदेश में भी कर सकते हैं व्यापार
सरकार की तरफ से भी एक जनपद एक उत्पाद के तहत जहां एक तरफ इस तरह के व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए कई तरह की योजनाओं का संचालन किया जा रहा है. वहीं ज्यादा से ज्यादा लोग इन व्यवसाययों से जुड़कर स्वरोजगार शुरू कर सके इसके लिए भी युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है. आजमगढ़ में ब्लैक पॉटरी की डिमांड काफी अधिक है, ऐसे में ब्लैक पॉटरी का व्यवसाय युवाओं के लिए मुनाफे का एक बेहतरीन सौदा बन सकता है. इससे जुड़कर युवा भारत के साथ-साथ विदेश में भी अपने यहां बने हुए प्रोडक्ट को बेच सकते हैं और जबरदस्त मुनाफा कमा सकते हैं.
कम लागत अधिक मुनाफा
सबसे खास बात यह है कि इस व्यवसाय को शुरू करने के लिए बेहद कम लागत की आवश्यकता होती है. इसके साथ ही सरकार के द्वारा भी ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस रोजगार से जुड़ने के लिए कई तरीके की योजनाओं का संचालन किया जाता है, जिसमे ट्रेनिंग से लेकर व्यवसाय के लिए जरूरी मशीनरी और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
मिलेगी मुफ्त ट्रेनिंग
लोकल18 से बातचीत करते हुए आजमगढ़ के सहायक आयुक्त उद्योग प्रभात रंजन ने बताया कि ब्लैक पॉटरी का व्यवसाय शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी संचालन किया जाता है. एक जिला एक उत्पाद के तहत व्यवसाय शुरू करने के लिए ODOP प्रशिक्षण योजना संचालित की जाती है, जिसमें इच्छुक लोगों को ODOP के उत्पादों को बनाने की निःशुल्क ट्रेनिंग के साथ टूलकीट भी उपलब्ध कराई जाती है.
आर्थिक सहायता के साथ 25% तक की सब्सिडी
इस योजना में ओडीओपी के अंतर्गत आने वाले व्यवसाय को शुरू करने के लिए सरकार की तरफ से 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिस पर उन्हें 25% तक की सब्सिडी भी दी जाती है. इसके साथ ही यदि इच्छुक व्यक्ति चाहे तो इससे जुड़कर ट्रेडिंग भी कर सकते हैं यानी उन्हें वस्तुओं के उत्पादन की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि वह उत्पादकों से प्रोडक्ट खरीद कर मार्केट में इसकी सेलिंग करते हुए भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
About the Author
Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें


