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Healthy Teeth Remedy: मध्य प्रदेश में रहने वाले एक शख्स की उम्र 60 साल थी, जब उनके दांत हिलने लगे थे. वो परेशान हो गए और उन्होंने एक पौधे की जड़ से दातून करना शुरू कर दिया. अब दस साल बीत गए. उनकी उम्र 70 साल है और उनके दांत 35 साल के व्यक्ति जैसे मजबूत हैं. जानें उनका दावा और औषधि का नाम…
Healthy Teeth Tips. एमपी के छतरपुर में रहने वाले रामसहाय सेन के दांत 10 साल पहले हिलने लगे थे. इसके बाद इन्होंने अलग-अलग टूथपेस्ट का इस्तेमाल किया, लेकिन दांत मजबूत नहीं हुए . रामसहाय आयुर्वेदिक वैद्य के पास पहुंचे. वहां उनको एक झाड़ीनुमा औषधि के बारे में बताया गया. इसके बाद उन्होंने टूथपेस्ट छोड़, उसकी की दातून शुरू कर दी. आज उनके सारे दांत वापस मजबूत हो चुके हैं. रामसहाय ने कहा, जहां भी जाते हैं इस दातून को साथ लेकर जाते हैं. 12 महीने यही करते हैं.
बूढ़े को बनाया जवान…
लवकुश नगर के रामसहाय सेन ने लोकल 18 को बताया, जब मैं 60 वर्ष का था तब मेरे दांत हिलने लगे थे. मुझे लग रहा था कि अब मेरे दांत नहीं रहेंगे तो मैं फिर भोजन नहीं ठीक से कर पाऊंगा. इससे और जल्दी बूढ़ा हो जाउंगा. मैंने इसके बाद बहुत से टूथपेस्ट और टूथब्रश यूज किए, लेकिन रिजल्ट नहीं मिल रहा था.
एक औषधि इतने नाम
रामसहाय बताते हैं उनकी टेंशन बढ़ती जा रही थी. क्योंकि, अब एक नहीं कई दांत हिलने लगे थे. उन्होंने अपनी ये चिंता भागवत कथावाचक जो वैद्य भी हैं, को बताई. उन्होंने वज्रदंती मंजन करने को कहा. उन्होंने बताया ये दांतों के लिए रामबाण औषधि है. इसका उपयोग युगों से होता आया है. ये सड़क या खेत किनारे देखने को मिल जाती है. इसे आयुर्वेद में अपामार्ग कहा जाता है. वहीं, क्षेत्रीय भाषा में इसे चिरचिटा या अझ्झाझार औषधि के नाम से भी जाना जाता है. रामसहाय बताते हैं कि जैसे ही गुरुजी ने यह उपाय बताया, मैंने इसे ढूंढना शुरू कर दिया. हर दिन ही इसकी जड़ों की दातून करने लगा. अगर कहीं बाहर भी जाना है तो इकट्ठी दातून बना लेता हूं और साथ लेकर चला जाता हूं.
नीम, बबूल से भी तगड़ी
रामसहाय बताते हैं कि इस दातून को वज्रदंती मंजन भी कहते हैं. 10 साल से हर दिन ये दातून कर रहा हूं. आज 70 साल का हो गया हूं, लेकिन दांत मजबूत हैं. नीम, बबूल की दातून तो सभी करते हैं, लेकिन चिरचिटा की जड़ों को दातून का रूप देकर पहले चबाना होता है, फिर दांतों में घिसना होता है. इससे दांत तो साफ होते ही हैं, मसूड़े भी मजबूत बनते हैं. हिलते दांत भी मजबूत हो जाते हैं.
1 महीने में परिणाम
रामसहाय बताते हैं कि अगर दांत हिलने लगे हैं या मसूड़ों में दर्द रहता है या पायरिया हो गया है, दांतों से खून निकलता है तो चिरचिटा पौधे की जड़ों की दातून एक महीने तक बंधकर करें. इससे आपके हिलते दांत भी मजबूत हो जाएंगे. मैं इसे 10 साल से कर रहा हूं.
12 महीने दातून कर सकते हैं
रामसहाय बताते हैं कि चिरचिटा या अझ्झाझार वैसे तो बरसात और ठंड सीजन में सबसे ज्यादा देखने को मिलता है, लेकिन बढ़ती गर्मी में ये कम दिखाई देता है. लेकिन आप इसकी जड़ों को पानी में डालकर रखते हैं तो आप गर्मी के मौसम में भी इसकी दातून कर सकते हैं.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.


