इस बार नहीं होगी संभल में विवादित जामा मस्जिद की पुताई? एएसआई ने खड़े किए हाथ, इंतजामिया कमेटी के पैतरे ही बने पेंच

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संभल में विवादित जामा मस्जिद क्या इस बार रमजान में बेरंग रह जाएगी. पिछले साल की तरह इस बार भी भारतीय पुरातत्त्व विभाग विवादित मस्जिद की पुताई का आदेश नहीं देगा. पिछले साल हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित स्थल की रंगाई पुताई हुई थी. संभल में एएसआई के वकील ने बताया कि कमेटी ने पुरातत्त्व विभाग को पत्र भेजा है, लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है, इसलिए एएसआई अपने स्तर से फैसला नहीं ले सकती. मस्जिद की इंतजामिया कमेटी स्टे को ढाल बनाकर केस में अगली कार्यवाही पर आपत्ति लगा रही थी. अब स्टे की वजह से ही पुताई का पेंच फंस गया है.

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संबल. यूपी के संभल में विवादित जामा मस्जिद केस में नया अपडेट है. पिछले साल की तरह इस बार भी भारतीय पुरातत्त्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) विवादित मस्जिद की पुताई का आदेश नहीं देगा. हरि मंदिर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस में सुप्रीम कोर्ट के स्टे की वजह से एएसआई स्वंय कोई आदेश नहीं देगा. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही स्थिति साफ होगी. पिछले साल हाईकोर्ट के आदेश के बाद विवादित स्थल की रंगाई पुताई हुई थी. संभल में एएसआई के वकील विष्णु कुमार शर्मा ने बताया कि कमेटी ने पुरातत्त्व विभाग को पत्र भेजा है. पिछली बार भी हाईकोर्ट के आदेश पर पुताई हुई थी. पत्र पर एएसआई संज्ञान लेगी.

वकील विष्णु शर्मा ने बताया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग है, इसलिए एएसआई अपने स्तर से फैसला नहीं ले सकती. सुप्रीम कोर्ट से मुकद्दमे में प्रोसिडिंग स्टे है इसलिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद ही एएसआई कोई आदेश देगी. एएसआई के वकील के हवाले से प्राप्त जानकारी से समझा जा रहा है कि फिलहाल पुरातत्त्व विभाग पुताई नहीं कराएगा. ऐसे में ये मस्जिद कमेटी के लिए झटका माना जा रहा है. गौरतलब है कि स्टे की वजह से संभल के सिविल कोर्ट में हरि मंदिर बनाम यूनियन ऑफ इंडिया केस आगे नहीं बढ़ पा रहा है. एक के बाद एक तारीख पड़ती है, फिर अगली तारीख पड़ जाती है. सर्वे रिपोर्ट का सीलबंद लिफाफा भी नहीं खुल सका है. कहा जा रहा है कि मस्जिद की इंतजामिया कमेटी स्टे को ढाल बनाकर केस पर अगली कार्यवाही पर आपत्ति लगा रही थी. अब स्टे की वजह से ही पुताई का पेंच फंस गया है.

जानें क्या है पूरा मामला
संभल में जामा मस्जिद विवाद काफी पुराना है. लेकिन ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब हिंदू पक्ष ने दावा किया कि 16वीं सदी की शाही जामा मस्जिद का निर्माण बाबर के शासनकाल में हरिहर मंदिर को तोड़कर किया गया. इस दावे के आधार पर संभल की स्थानीय अदालत ने 19 नवंबर 2024 को मस्जिद का सर्वेक्षण करने का आदेश दिया. सर्वे के दौरान ही 24 नवंबर 2024 को हिंसा भड़क उठी. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. जामा मस्जिद कमेटी ने स्थानीय अदालत के सर्वेक्षण आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी नवंबर 2024 में हस्तक्षेप करते हुए स्थानीय अदालत की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी. सर्वोच्च अदालत ने मस्जिद समिति को हाईकोर्ट में अपील करने का निर्देश दिया था.

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Priyanshu Gupta

Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें



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