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Kaushambi Mahadev Temple Story: कौशाम्बी के कड़ा धाम स्थित श्री कालेश्वर नाथ महादेव मंदिर का इतिहास काफी रोचक है. मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर भी एक प्रचलित कथा है कि मुगल काल में औरंगज़ेब ने शिवलिंग पर तलवार और फरसे से प्रहार किया था.
कौशांबी: उत्तर प्रदेश जनपद कौशाम्बी के कड़ा धाम स्थित श्री कालेश्वर नाथ महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर सुबह से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी है. मंदिर परिसर में स्थापित प्राचीन शिवलिंग के दर्शन और जलाभिषेक के लिए दूर-दराज से हजारों भक्त पहुंच रहे हैं.
प्राचीन शिव मंदिर की स्थापना स्वयं धर्मराज युधिष्ठिर ने की थी. यही कारण है कि इस स्थान का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है. मंदिर में स्थापित शिवलिंग को लेकर भी एक प्रचलित कथा है कि मुगल काल में औरंगज़ेब ने शिवलिंग पर तलवार और फरसे से प्रहार किया था. कहा जाता है कि उस समय शिवलिंग से एक ओर दूध की धारा और दूसरी ओर रक्त की धारा प्रवाहित हुई. खंडित होने के बाद भी शिवलिंग आज श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है.
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं. भक्तों ने गंगा जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का अभिषेक किया और सुख-समृद्धि की कामना की. प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो. कड़ा कालेश्वर घाट पर उमड़ी यह भीड़ न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि सदियों पुराना यह मंदिर आज भी लोगों की श्रद्धा का केंद्र बना हुआ है.
पहले कड़ा को करकोटक नाम से जाना जाता था. कड़ा कस्बा गंगा के किनारे बसा हुआ है. यहीं पर राजा युधिष्ठिर अपने भाइयों के साथ आकर विश्राम भी किया था. युधिष्ठिर के पांचों भाई द्वारा इस शिवलिंग को स्थापित किया गया था.
कालेश्वर मंदिर को खंडित करने की कोशिश
शिवलिंग की खंडित होने की वजह बरसाती लाल पंडा ने बताया कि मुगल काल में औरंगजेब द्वारा पूरे देश में आतंक चल रहा था और सभी शिव मंदिरों पर प्रहार हो रहा था. इस दौरान कौशांबी के कड़ा घाट किनारे स्थित कालेश्वर मंदिर को खंडित करने की कोशिश की गई. औरंगजेब ने शिवलिंग पर तलवार व फारसी से पहले प्रहार किया, तो उसमें खून की धारा निकली और दूसरी में दूध की धारा निकली और तीसरी में मधुमक्खी निकली. मधुमक्खियां निकलीं, तो औरंगजेब पर और उनके सैनिकों के ऊपर हमला कर दिया. औरंगजेब अपने सैनिकों को लेकर वहां से भाग खड़ा हुआ.
हिंदू धर्म में खंडित मूर्तियों की पूजा करना वर्जित
कड़ा के कालेश्वर घाट स्थित शिवलिंग होने के बाद हिंदू धर्म में लोग श्रद्धा भाव से पूजा पाठ करते हैं. कहा जाता है कि हिंदू धर्म में खंडित मूर्तियों की पूजा करना वर्जित होता है, लेकिन कौशांबी के कड़ा धाम में स्थित शिवलिंग की पूजा करते हैं. ऐसी मान्यता है कि जो भी भक्त दर्शन और रुद्राभिषेक करके अपनी अर्जी रखता है, महादेव उनकी मनोकामना को पूर्ण करते हैं. यही वजह है कि कड़ा के कालेश्वर शिव मंदिर में खंडित होने के बाद लोग पूजा और अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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