सीट शेयरिंग को लेकर डीएमके के साथ तनाव हो, या असम के वरिष्ठ नेता भूपेन कुमार बोरा का इस्तीफा, या फिर केरल में मणिशंकर अय्यर से जुबानी जंग… कांग्रेस चार चुनावी राज्यों में अजीब से गृहयुद्ध जैसी स्थिति से जूझ रही है. यह ठीक वैसे ही जैसा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों में देखने को मिला. बीजेपी को इसमें चुटकी लेने का मौका मिल गया है.
बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर लिखा, वे वफादार जिन्होंने अपना पूरा जीवन कांग्रेस में बिताया, अब खुलेआम राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं! जब आपके अपने नेताओं को आपके नेतृत्व पर भरोसा नहीं है, तो अपनी पार्टी की स्थिति की कल्पना कीजिए. मणिशंकर अय्यर कहते हैं, ‘मैं एक राजीववादी हूं, राहुलवादी नहीं’. कांग्रेस बनाम राहुल गांधी! यानी कांग्रेस ने राहुल गांधी को खारिज कर दिया है!” बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कटाक्ष करते हुए लिखा कि कांग्रेस के पुराने वफादार अब राहुल गांधी के खिलाफ बोल रहे हैं. मणिशंकर अय्यर का यह कहना कि वह “राजीववादी हैं, राहुलवादी नहीं”, पार्टी के भीतर गहरे असंतोष को दर्शाता है.
तो फिर इन 4 राज्यों में कांग्रेस का सीन क्या है?
केरल: मणिशंकर अय्यर विवाद
वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने भविष्यवाणी की कि पिनाराई विजयन लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनेंगे. कांग्रेस ने इसे उनका व्यक्तिगत विचार बताकर पल्ला झाड़ लिया. पवन खेड़ा और जयराम रमेश सहित कांग्रेस नेताओं ने उनकी टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया दी. खेड़ा ने कहा, मणिशंकर अय्यर का पिछले कुछ वर्षों से कांग्रेस के साथ कोई संबंध नहीं रहा है. वह विशुद्ध रूप से अपनी व्यक्तिगत क्षमता में बोलते और लिखते हैं. लेकिन अय्यर ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता कम्युनिस्टों से ज्यादा एक-दूसरे से नफरत करते हैं.
असम: बड़े नेता का यूं नाराज हो जाना
प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने सांसद गौरव गोगोई की तानाशाही को जिम्मेदार बताते हुए इस्तीफा दे दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि आलाकमान उन्हें नजरअंदाज कर रहा था. हालांकि बाद में पार्टी ने इस्तीफा वापस लेने का दावा किया. सबसे बड़ी बात यह घटनाक्रम प्रियंका गांधी की असम की निर्धारित यात्रा से कुछ दिन पहले हुआ है.
तमिलनाडु: डीएमके से तनाव
सत्ता के बंटवारे को लेकर DMK और कांग्रेस के बीच दरार सार्वजनिक हो गई है. मुख्यमंत्री स्टालिन ने सत्ता साझा करने से साफ इनकार कर दिया है, जिससे गठबंधन में तनाव बढ़ गया है. कांग्रेस नेताओं को सत्तारूढ़ डीएमके के साथ भिड़ते देखा जा रहा है, और यहां तक कि अभिनेता से नेता बने विजय और उनकी पार्टी टीवीके (TVK) के साथ गठबंधन का समर्थन करते हुए भी देखा जा रहा है. कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने दरकिनार किए जाने पर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि डीएमके नेताओं ने भी तीखा पलटवार किया है. रिपोर्टों का दावा है कि कांग्रेस भी अधिक “विकल्पों” की तलाश कर रही है.
बंगाल: ममता का साथ छूटा
ममता बनर्जी ने 2026 के चुनावों में कांग्रेस के साथ किसी भी गठबंधन से इनकार कर दिया है और अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. वहीं कांग्रेस आलाकमान ने भी सभी 294 सीटों पर अकेले लड़ने का मन बनाया है. जो पिछले गठबंधन के पैटर्न को तोड़ती है. राष्ट्रीय स्तर पर, कांग्रेस और टीएमसी दोनों व्यापक इंडिया गठबंधन का हिस्सा हैं. लेकिन वह राष्ट्रीय समूह राज्य विधानसभा चुनावों के लिए बंगाल में औपचारिक चुनावी गठबंधन में तब्दील नहीं हुआ है.


