गुवाहाटी. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि चुनाव के दौरान कुछ नेताओं का दल बदलना आम बात है. उनका इशारा पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के इस्तीफे की ओर था, जो भाजपा में शामिल होने वाले हैं. हालांकि, कांग्रेस नेता ने बोरा के इस्तीफे के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया. पार्टी की उम्मीदवार चयन समिति की अध्यक्ष प्रियंका बृहस्पतिवार को दो दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचीं, जहां वह असम विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप देने के लिए कई बैठकें करेंगी.
राज्य में भाजपा सरकार के खिलाफ 20 सूत्री ‘आरोपपत्र’ जारी करने के कार्यक्रम के दौरान प्रियंका ने कहा, “हम एकजुट होकर और मजबूती से चुनाव लड़ेंगे. हम इस चुनाव को एक लड़ाई मानते हैं. हमारे पास कई योद्धा हैं, और हम जीतेंगे.” उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में, “हम उचित टिकट वितरण सुनिश्चित करने और मजबूत एवं संगठित तरीके से चुनाव लड़ने के लिए परामर्श जारी रखेंगे.”
प्रियंका ने कहा कि संभावित उम्मीदवारों के बारे में प्रतिक्रिया और जानकारी एकत्र की जा रही है और उनका मूल्यांकन किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पार्टी टिकट सही व्यक्तियों को ही दिए जाएं और असम में विधानसभा चुनाव मजबूती से लड़ा जा सके. उन्होंने कहा, “मैं अब सभी से मिल रही हूं, उनके सुझाव और प्रतिक्रिया ले रही हूं और अगले दो दिनों तक मैं यही करूंगी.”
उन्होंने कहा कि वह पार्टी के सभी पदाधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की कोशिश कर रही हैं और यथासंभव अधिक से अधिक लोगों से मिलने का प्रयास करेंगी. उन्होंने कहा, “चयन समिति के सदस्य राज्य के जिलों का दौरा कर रहे हैं. हम प्रतिक्रिया लेंगे, उसका गहन मूल्यांकन करेंगे और हमारा प्रयास होगा कि टिकटों का सही तरीके से वितरण किया जाए ताकि हम चुनाव मजबूती से लड़ सकें.”
अन्य विपक्षी दलों के साथ कांग्रेस के गठबंधन के बारे में पूछे जाने पर प्रियंका ने कहा, “देखते हैं आगे क्या होता है.” राज्य की 126 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव मार्च-अप्रैल में होने की उम्मीद है. गुरुवार सुबह कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष गौरव गोगोई और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हवाई अड्डे पर प्रियंका का स्वागत किया. हवाई अड्डे से वह नीलाचल पहाड़ियों पर स्थित पूजनीय कामाख्या मंदिर में प्रार्थना करने गईं.
उन्होंने कहा, “मैं असम चुनाव के लिए देवी कामाख्या का आशीर्वाद लेने आई हूं ताकि राज्य की संस्कृति और सभ्यता की रक्षा हो सके.” उन्होंने कहा, “लोगों की देवी में अपार आस्था है और मैं यहां प्रार्थना करने आई हूं.” राज्य कांग्रेस के नेताओं के अनुसार, वायनाड से सांसद पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के सदस्यों के साथ चर्चा कर रही हैं और विधायकों, जिला अध्यक्षों, सांसदों, कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता, कार्यकारी अध्यक्षों और अन्य पदाधिकारियों के साथ व्यक्तिगत बैठकें कर रही हैं. उन्होंने दोपहर में एक दस्तावेज भी जारी किया, जिसे कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ ‘आरोपपत्र’ करार दिया. दस्तावेज जारी करने के बाद कांग्रेस नेता ने एक बंद कमरे की बैठक में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया.


