कैसा रहा सीबीएसई का 10वीं का इंग्लिश पेपर, यहां जानिए क्या है छात्रों का कहना और कितने आएंगे नंबर

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फरीदाबाद: फरीदाबाद में आज दसवीं क्लास के बच्चों ने सीबीएसई बोर्ड का इंग्लिश पेपर दिया. जैसे ही परीक्षा खत्म हुई और बच्चे बाहर निकले उनके चेहरे पर राहत और खुशी साफ दिख रही थी. ज्यादातर छात्रों ने कहा कि पेपर आसान था, सवाल सीधे थे ज़्यादा उलझाव नहीं था. कई बच्चों ने तो ये भी बताया कि उन्होंने पूरा 80 नंबर का पेपर हल किया है और अच्छे नंबरों की उम्मीद कर रहे हैं. कुछ तो 80% तक लाने का भरोसा भी जता रहे थे.

पेपर बहुत अच्छा गया. सारे सवाल कर आई हूं

Local18 से बात करते हुए रितिका ने कहा पेपर बहुत अच्छा गया. सारे सवाल कर आई हूं, मुश्किल बिल्कुल भी नहीं लगा. उसने बताया कि वो ट्यूशन नहीं जाती थी बस स्कूल की टीचिंग और घर पर सेल्फ स्टडी से तैयारी करती थी. आगे मेडिकल लाइन में जाना चाहती है.

80% तो आ ही जाएंगे

प्रियांशी ने भी पेपर को आसान कहा. उनके हिसाब से कुछ सवाल आसान थे कुछ थोड़े टफ लेकिन मिला जुलाकर पेपर अच्छा रहा. 80% तो आ ही जाएंगे. उसने बताया कि चार नंबर के क्वेश्चन भी थे और आखिर में 7 नंबर का बड़ा क्वेश्चन आया था. प्रियांशी आगे कॉमर्स लेना चाहती हैं और हर दिन स्कूल से आकर पढ़ाई करती थी.

मैम ने जो क्वेश्चन बताए थे वही आए

करिश्मा को भी पेपर उम्मीद से बढ़कर अच्छा लगा. मैम ने जो क्वेश्चन बताए थे वही आए. ट्यूशन नहीं ली खुद घर पर पढ़ाई की. अब वो 11वीं में कॉमर्स लेगी. उसका अगला पेपर साइंस का है जिसमें केमिस्ट्री थोड़ा कमजोर है उसी की तैयारी कर रही है. करिश्मा ने बताया कि अब तक सारे पेपर आसान रहे बस मैथ्स में थोड़ा दिक्कत आई थी. अब चार पेपर और बाकी हैं तो थोड़ा आराम करके फिर पढ़ाई शुरू करती है.

सिद्धार्थ ने भी पूरा पेपर हल किया. उसने कहा बस अच्छे से पास हो जाऊं यही चाहता हूं. इशिका शर्मा भी काफी खुश थी. उसका कहना था कि 80 नंबर का पूरा पेपर हल कर आई है और टीचर्स ने जैसा पढ़ाया था वैसा ही आया. आगे उसे ग्राफिक डिजाइनिंग में जाना है.

प्रैक्टिस अच्छी थी इसलिए पेपर आसान लगा

जानवी यादव का भी पेपर बहुत अच्छा गया. उसने उम्मीद जताई कि 75% से ज्यादा नंबर आएंगे. जानवी ने बताया कि प्रैक्टिस अच्छी थी इसलिए पेपर आसान लगा. वो भी मेडिकल लाइन में जाना चाहती है.

मानवी ने कहा कि उसने सिर्फ एक रात में इंग्लिश की तैयारी की और ट्यूशन नहीं ली. सकूल में जो पढ़ा वही काफी था. वो आगे 11वीं में कॉमर्स लेने का सोच रही है.

कुल मिलाकर बच्चों की मुस्कान ही सब कुछ बयां कर रही थी. इस बार इंग्लिश का पेपर बच्चों के लिए सच में राहत लेकर आया. अब सबकी नज़र अगले पेपर और रिजल्ट पर है.



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