कौशाम्बी में समूह से जुड़ी दीदियों को 10 साल तक बिना शुल्क मिलेगी दुकान, खुद का काम कर बनेगी आत्मनिर्भर 

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उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में सरकार ने स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 10 साल तक बिना शुल्क के दुकानों का आवंटन किया है. इन दुकानों में महिलाएं घरेलू उत्पाद, हस्तशिल्प, खाद्य और अन्य स्थानीय उत्पाद बेचकर अपनी आय बढ़ा सकती हैं. इस योजना से महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है. समूह से जुड़ी महिलाएं अब लखपति बनने के अपने सपने को सच करते हुए अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं.

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कौशाम्बी. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है. अब समूह से जुड़ी दीदियों का लखपति बनने का सपना जल्द पूरा हो सकता है. जिले में समूह से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. योजना के तहत चयनित दीदियों को 10 साल तक बिना किसी शुल्क के दुकानें आवंटित की गई हैं. इन दुकानों के माध्यम से महिलाएं अपने उत्पादों की बिक्री कर सकेंगी और अपनी आय बढ़ा सकेंगी. इन दुकानों में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं घरेलू उत्पाद, हस्तशिल्प सामग्री, खाद्य पदार्थ और अन्य स्थानीय उत्पाद बेचेंगी. इससे न केवल उनकी आय बढ़ेगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी. कौशाम्बी की दीदियों के चेहरे पर अब आत्मनिर्भर बनने की मुस्कान साफ दिखाई दे रही है, यह कदम उन्हें लखपति बनने की दिशा में आगे बढ़ने में मददगार साबित होगा.

समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनकर लखपति बनने का सपना अब दूर नहीं है. मेहनत, लगन और सरकारी योजनाओं के सहारे महिलाएं न सिर्फ अपनी किस्मत बदल रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं. उन्होंने कहा कि अगर अवसर और सहयोग मिले तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता. सुनीता देवी ने बताया कि पहले हम घरों में रहकर घर-गृहस्थी का काम करती थी, जिससे बाहर निकलना बहुत मुश्किल होता था और परिवार चलाना कठिन होता था. लेकिन वर्ष 2021 से समूह से जुड़ने के बाद झिझक खत्म हो गई है, अब हम घरों से बाहर निकलकर सभी कार्य कर रही हैं और अधिकारियों से आवश्यक बात भी कर सकती हैं. उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मंझनपुर में “सरस आजीविका” योजना के तहत समूह से जुड़ी महिलाओं के लिए 20 दुकानें बनाई गई हैं, जिन्हें 10 साल के लिए बिना शुल्क के आवंटित किया गया है. इस योजना से हम आत्मनिर्भर बनेंगे और अन्य महिलाओं को भी प्रेरणा देंगे.

महिलाओं को दी जाती है सरकार द्वारा वित्तीय सहायता

पिंकी गौतम ने बताया कि हम चार साल से समूह से जुड़ी हुई हैं. मैं सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद करती हूं, जिसने हम जैसे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया. मैं राधा कृष्णा समूह की अध्यक्ष हूं सभी समूह से जुड़ी दीदियों को दुकानें आवंटित की गई हैं, जिनमें वे चाउमीन, किराना, स्टेशनरी, चप्पल-जूते, बैग, सिलाई आदि का कार्य कर रही हैं. समूह से जुड़ी महिलाएं सुनीता देवी, पिंकी गौतम, प्रियंका सोनकर और काजल सेन ने बताया कि समूह से जुड़ने के लिए महिलाओं को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता भी दी जाती है. इसमें आरएएफ 30 हजार, सीआईएफ 1.50 लाख और सीसीएल 1.50 लाख शामिल हैं. सभी महिलाएं इस राशि का उपयोग कर अपनी आजीविका आगे बढ़ा रही हैं, सबसे खास बात यह है कि समूह से जुड़ी सभी महिलाओं को मात्र 1 प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलता है. इसलिए हम सभी महिलाओं को यही प्रेरणा देना चाहती हैं कि समूह से जुड़ें और इसका लाभ उठाएं. इससे महिलाएं बचत करना सीखती हैं और पहले जैसी दूसरों से उधार लेने की जरूरत खत्म हो जाती है. अब हम आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की परवरिश भी अच्छे से कर रही हैं.

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Monali Paul

Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें



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