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केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इस साल के आखिर तक बैंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे तैयार हो जाएगा, जिसके बाद दोनों शहरों के बीच की दूरी महज 2 घंटे में तय की जा सकेगी. इसके अलावा दिल्ली से चेन्नई तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की बात भी कही, जिससे दोनों शहरों के बीच दूरी को 320 किलोमीटर कम किया जा सकेगा और सफर का समय आधा रह जाएगा.
चेन्नई-बैंगलुरु एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य 2026 के आखिर तक पूरा होने का अनुमान है.
नई दिल्ली. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि इस साल के अंत तक नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद चेन्नई और बेंगलुरु के बीच यात्रा का समय घटकर मात्र दो घंटे रह जाएगा. बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे लगभग 260 किमी लंबा है और वर्तमान में इसका कुछ हिस्सा ही परिचालन में है, लेकिन साल 2026 के आखिर तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा और दोनों शहरों के बीच आवाजाही भी आसान हो जाएगी. अभी इसकी दूरी 348 किलोमीटर है, जिसे तय करने में करीब 7 घंटे का समय लग जाता है.
‘बिल्ड इंडिया इंफ्रा अवार्ड्स’ के तीसरे संस्करण में पहुंचे सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि दिल्ली से देहरादून तक का एक्सप्रेसवे बनकर तैयार है और अब वहां दो घंटे के भीतर पहुंचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि इस साल के अंत तक चेन्नई-बेंगलुरु एक्सप्रेसवे भी शुरू हो जाएगा, जिससे इन दोनों शहरों के बीच की दूरी दो घंटे में तय की जा सकेगी और मौजूदा हाईवे के मुकाबले 100 किलोमीटर कम दूरी तय करनी पड़ेगी.
तीन राज्यों को जोड़ेगा एक्सप्रेसवे
बैंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को जोड़ेगा. 4 लेन के इस एक्सप्रेसवे को आगे 8 लेन तक बनाया जा सकेगा. अभी जहां दोनों शहरों के बीच आने-जाने में 7 घंटे से भी ज्यादा लग जाते हैं, वहीं इस रास्ते से महज 2 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. इस एक्सप्रेसवे के निर्माण पर करीब 18 हजार करोड़ रुपये का खर्चा आया है. बैंगलुरु के पास होसकोटे से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे चेन्नई के श्रीपेरुमबुदुर में खत्म होगा. सफर में यह मलूर, बेथमंगल, पलमनेर, गुडियाथम, अरक्कोनम, कांचीपुरम से होकर गुजरेगा.
क्या है वर्तमान स्थिति
अभी एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों पर परिचालन शुरू हो चुका है. 72 किलोमीटर के कर्नाटक सेक्शन को एक साल पहले ही पूरी तरह खोला जा चुका है. आंध्र प्रदेश का 80 किलोमीटर का सेक्शन भी ज्यादातर पूरा हो चुका है, जबकि तमिलनाडु सेक्शन के 85 किलोमीटर हिस्से पर काम जारी है. कुल मिलाकर 89 फीसदी काम पूरा हो चुका है और सिर्फ 25 से 30 किलोमीटर का हिस्सा बनना बाकी है.
दिल्ली से चेन्नई की घटेगी दूरी
गडकरी ने बताया कि सरकार दिल्ली और चेन्नई के बीच की दूरी को भी 320 किलोमीटर कम करने पर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता ‘पर्यावरण के अनुकूल सड़कें बनाने की है. 10 मार्गों पर ‘हाइड्रोजन फ्यूल फिलिंग स्टेशन’ (हाइड्रोजन ईंधन भरने वाले स्टेशन) का नया प्रयोग किया जा रहा है. अभी दिल्ली से चेन्नई की दूरी करीब 2,200 किलोमीटर है, जिसे पूरा करने में 24 घंटे से भी ज्यादा का समय लग जाता है. नॉर्थ-साउथ एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह दूरी घटकर 1,900 किलोमीटर के आसपास रह जाएगी और सफर का समय भी घटकर महज 12 घंटे का होगा.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें


