गरीबों को भूखे नहीं सोने देता यह शख्स! रोज 300 लोगों को खिला रहा फ्री खाना; 2021 में शुरू की पहल

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छतरपुर में कोरोना काल के दौरान शुरू हुई जन सहयोग रसोई आज भी गरीब और जरूरतमंद लोगों का पेट भर रही है. समाजसेवी प्रकाशचंद्र जैन और उनके 31 साथियों ने 2021 को पैसे जोड़कर इस पहल की शुरुआत की थी. आज इस टीम में 120 से ज्यादा सदस्य जुड़ चुके हैं और बस स्टैंड और क्रिश्चियन अस्पताल में रोजाना 300 से अधिक लोगों को मुफ्त भोजन कराया जाता है.

छतरपुर. आज हम आपको एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने गरीब और असहाय लोगों का दर्द समझा और कोरोना के दौरान अपने मित्रों के सहयोग से जन सहयोग रसोई खोल दी. ये रसोई छतरपुर के 2 नंबर बस स्टैंड में खुली है, जहां हर दिन 300 से भी ज्यादा लोग अपना पेट भरते हैं. ये रसोई सुबह 8 बजे खुलती है और 9 बजे बंद हो जाती है. आज जन सहयोग रसोई में 120 से ज्यादा सदस्य जुड़ चुके हैं. बस स्टैंड के अलावा क्रशिचियन अस्पताल में भी जन सहयोग रसोई चलाई जा रही है.

छतरपुर के समाजसेवी प्रकाशचंद्र जैन लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि देशभर में लोग कोरोना काल में दम तोड़ रहे थे, एक दूसरे को छूने से डरते थे, गरीबों को खाने के लाले पड़ रहे थे. जनता की बेबसी देखकर छतरपुर के हम सभी मित्रों ने 31 लोगों ने एक टीम बनाई और खुद पैसे एकत्रित कर लोगों की भूख मिटाने के लिए जन सहयोग रसोई खोल दी.

कोरोना काल में हुई शुरुआत 
प्रकाशचंद्र बताते हैं कि कोरोना काल में शुरू हुई जन सहयोग रसोई की टीम में पहले 31 लोग थे, सभी ने अपनी अपनी जेब से दो-दो हजार रुपए एकत्रित किये और 7 जून 2021 को बस स्टैंड के 2 नंबर पर रसोई की शुरुआत कर दी. 7 जून 2021 तक आते-आते इसमें 47 सदस्य हो गए. हालांकि, अब इस टीम में 120 से अधिक लोग शामिल हैं. जन सहयोग रसोई रोजाना बस स्टैंड पर प्रतिदिन सुबह गरीबों को भोजन करवाती है, इसमें से बचे रुपए से जन सहयोग रसोई से निर्धन कन्याओं के हाथ भी पीले करते हैं.

शहर के डॉक्टर से लेकर बिजनेस मैन जुड़े 
जनसहयोग रसोई के संस्थापक प्रकाशचंद्र बताते हैं कि यह रसोई कोरोना काल में शुरू हुई थी जो आज भी चल रही है. समिति रोजाना करीब सैकड़ों लोगों को फ्री भोजन करवाती है. हम समिति के लोग खुद पैसे एकत्रित करते और समाजसेवा में खर्च करते हैं. इस समिति में हमारे बिजनेस मैन, डॉक्टर्स जैसे मित्र जुड़े हैं. हालांकि, मैं भी एक बिजनेस मैन ही हूं इसलिए इसमें व्यापारी वर्ग के लोग बहुत जुड़े हैं.

अस्पताल में जनसहयोग रसोई संचालित 
प्रकाशचंद्र बताते हैं कि जन सहयोग रसोई  में सातों दिन अलग-अलग भोजन बनाया जाता है. शहर के 2 नंबर बस स्टैंड में सुबह 8 बजे से रसोई खुल जाती है. 1 घंटे तक सभी गरीब, असहाय लोगों को भोजन वितरित किया जाता है. इसके अलावा हमारी जनसहयोग रसोई क्रिश्चियन अस्पताल में भी चलती हैं जहां मरीजों के साथ उनके परिजनों को भी भोजन उपलब्ध कराते हैं. प्रकाशचंद्र बताते हैं कि आगे सभी लोगों के सहयोग से इस रसोई को जिला अस्पताल में भी खोलने की सोच रहे हैं.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें



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