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गर्मियों में अगर आप चाहते हैं कि आपका पुदीना हरा-भरा, खुशबूदार और मोटी पत्तियों वाला रहे, तो उसे सही देसी खाद और देखभाल देना जरूरी है. छाछ, केले के छिलके, सड़ी गोबर खाद और चायपत्ती जैसी प्राकृतिक चीजें मिट्टी को ताकत देती हैं. हल्की धूप, संतुलित पानी और समय-समय पर कटाई करने से पुदीना तेजी से बढ़ता है और पूरे मौसम ताजा पत्तियां देता है.
पुदीना सिर्फ एक हरा पौधा नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है. इसकी पत्तियां ठंडक देती हैं और पाचन को बेहतर बनाती हैं. गर्मियों में पुदीना का पानी, चटनी या रायता शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट और प्राकृतिक खुशबू होती है, जो मुंह की दुर्गंध दूर करने में भी काम आती है. घर में ताजा पुदीना होना मतलब हमेशा शुद्ध और सुरक्षित पत्तियां मिलना. इसलिए इसे सही पोषण देना बहुत जरूरी है.
बची हुई छाछ को फेंकने के बजाय पुदीना के पौधे में डालें. छाछ में प्राकृतिक अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो मिट्टी की उर्वरता बढ़ाते हैं. एक कप छाछ में दो कप पानी मिलाकर 10–15 दिन में एक बार जड़ों में डालें. इससे मिट्टी नरम और पोषक बनती है, जिससे पत्तियां हरी, घनी और खुशबूदार होती हैं.
केले के छिलकों में पोटैशियम और फॉस्फोरस होता है, जो पौधों की वृद्धि के लिए जरूरी है. छिलकों को छोटे टुकड़ों में काटकर मिट्टी में दबा दें या सुखाकर पीस लें. यह देसी खाद धीरे-धीरे पोषण देती है और पत्तियों को मजबूत व मोटा बनाती है. महीने में एक बार इसका इस्तेमाल काफी है.
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सड़ी हुई गोबर की खाद पुदीना के लिए बहुत फायदेमंद होती है. यह मिट्टी को जैविक ताकत देती है और पौधे की जड़ों को मजबूत बनाती है. ध्यान रखें कि ताजा गोबर सीधे न डालें, हमेशा अच्छी तरह सड़ी हुई खाद ही मिलाएं. 20–25 दिन में एक बार थोड़ी मात्रा पर्याप्त रहती है.
उबली हुई चायपत्ती को अच्छी तरह धोकर सुखा लें, ताकि उसमें चीनी न रहे. फिर इसे मिट्टी में मिला दें. चायपत्ती में नाइट्रोजन होती है, जो पत्तियों को तेजी से बढ़ने में मदद करती है. इससे पुदीना की पत्तियां हरी, मोटी और ताजगी भरी बनती हैं.
आलू उबालने के बाद बचा हुआ ठंडा पानी पौधों के लिए पोषण से भरपूर होता है. इसमें स्टार्च और मिनरल्स होते हैं, जो मिट्टी को ताकत देते हैं. इस पानी को ठंडा करके हफ्ते में एक बार पुदीना की जड़ों में डाल सकते हैं. इससे पौधा तेजी से फैलता है और पत्तियां ज्यादा घनी होती हैं.
खाद के साथ सही देखभाल भी जरूरी है. पुदीना को हल्की धूप और नियमित पानी पसंद है, लेकिन ज्यादा पानी से जड़ें खराब हो सकती हैं. मिट्टी को हल्का नम रखें, पानी जमा न होने दें. समय-समय पर सूखी पत्तियां काटते रहें, इससे नई कोपलें जल्दी निकलती हैं. सही पोषण और देखभाल से आपका पुदीना हमेशा खुशबूदार, हरा-भरा और मोटी पत्तियों वाला बना रहेगा.

