गिरफ्तार नहीं होगा जिहादी रमीज का निकाह पढ़ने वाला काजी, हाईकोर्ट ने कहा- सरकार की दलील मिथ्या…

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राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ने मुख्य आरोपी की पत्नी का धर्मांतरण कराकर निकाह पढ़ाया था. लिहाजा काज़ी के खिलाफ गैरकानूनी धर्मांतरण कानून के तहत मामला बनता है. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दिए आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया राज्य सरकार की बहस मिथ्या प्रतीत होती है.

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केजीएमयू लव जिहाद

लखनऊः केजीएमयू में डॉक्टर रमीज़ मलिक से जुड़े धर्मांतरण मामले की इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने सुनवाई की. मामले के मुख्य आरोपी डॉक्टर रमीज़ की पत्नी का धर्मांतरण करने और निकाह पढ़ने वाले आरोपी कथित काजी सैयद जाहिद हसन राणा की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई तक आरोपी के खिलाफ उत्पीड़न की कार्रवाई न की जाए. हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने का भी आदेश दिया है.

काजी ने कहा- वह अरबी जानता है इसलिए निकाह पढ़ा
इसके अलावा बेंच ने याची को उसके अगले दो हफ्ते में प्रति उत्तर दाखिल करने का आदेश दिया है. दोनों पक्ष की ओर से जवाब दाखिल होने के बाद ही मामले की अगली सुनवाई होगी. आरोपी काज़ी की ओर से दलील दी गई कि इस मामले में उसे नामज़द नहीं किया गया है. याची के मुताबिक उस पर मुख्य आरोपी की पत्नी का धर्मांतरण करा के निकाह पढ़ाने का आरोप है. याची की ओर से कहा गया कि वह मुसलमान है तथा अरबी भाषा जानता है इसलिए उसने निकाह पढ़वाया था. निकाह पढ़े जाते समय पत्नी के माता-पिता और भाई मौजूद थे.

यह भी पढ़ेंः कस्टोडियल डेथ पर हाईकोर्ट का आदेश, सरकार बनाए गाइडलाइन, 10 लाख मुआवजा भी दें
‘राज्य सरकार की दलील मिथ्या लगती है’
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि आरोपी ने मुख्य आरोपी की पत्नी का धर्मांतरण कराकर निकाह पढ़ाया था. लिहाजा काज़ी के खिलाफ गैरकानूनी धर्मांतरण कानून के तहत मामला बनता है. दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दिए आदेश में हाईकोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया राज्य सरकार की बहस मिथ्या प्रतीत होती है. कोर्ट ने कहा कि निकाह के समय मुख्य आरोपी की पत्नी के पिता मौजूद थे, बावजूद इसके आज तक न तो पत्नी और न ही उसके माता-पिता ने जबरन धर्मांतरण और निकाह की एफआईआर लिखवाई. इन टिप्पणियों के साथ कोर्ट ने आरोपी को अंतरिम राहत प्रदान कर दी.

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Prashant Rai

प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें



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