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पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को माता का दर्जा दिया गया है और इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि तुलसी का हरा-भरा रहना घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संकेत है. वहीं अचानक सूख जाना कभी-कभी अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है.
भारतीय घरों में तुलसी को सिर्फ एक पौधा नहीं, बल्कि आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है. रोज सुबह-शाम दीपक जलाना और जल अर्पित करना परंपरा का हिस्सा है. ऐसे में अगर घर की तुलसी अचानक सूख जाए तो स्वाभाविक रूप से मन में सवाल उठता है. क्या यह सामान्य कारण है या कोई संकेत.
पुजारी शुभम तिवारी ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को माता का दर्जा दिया गया है और इसे सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि तुलसी का हरा-भरा रहना घर में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संकेत है. वहीं अचानक सूख जाना कभी-कभी अशुभ संकेत के रूप में देखा जाता है. कई लोग इसे घर में बढ़ती नकारात्मकता या पूजा-पाठ में कमी से जोड़कर भी देखते हैं.
वास्तु शास्त्र के अनुसार तुलसी का स्थान बेहद महत्वपूर्ण होता है. अगर इसे गलत दिशा में रखा गया हो या आसपास गंदगी हो तो इसका असर पौधे की सेहत पर पड़ सकता है. उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा तुलसी के लिए शुभ मानी जाती है.
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तुलसी का सूखना एक सामान्य प्रक्रिया भी हो सकती है. अधिक पानी देना, धूप की कमी, मिट्टी में पोषक तत्वों की कमी या मौसम का अचानक बदलना इसके प्रमुख कारण हैं. कई बार जड़ों में कीड़े या फंगस लगने से भी पौधा खराब हो जाता है.
आज की व्यस्त जीवनशैली में पौधों की नियमित देखभाल अक्सर नजरअंदाज हो जाती है. समय पर पानी न देना या जरूरत से ज्यादा पानी देना दोनों ही नुकसानदायक हैं. तुलसी को रोज हल्की धूप और संतुलित मात्रा में पानी चाहिए. अगर पत्तियां पीली होकर गिरने लगें तो यह संकेत है कि पौधे को अतिरिक्त ध्यान और देखभाल की जरूरत है.
अगर तुलसी पूरी तरह सूख जाए तो उसे सम्मानपूर्वक हटाना चाहिए. परंपरा के अनुसार सूखी तुलसी को किसी स्वच्छ स्थान पर रखना या मिट्टी में ही प्रवाहित करना उचित माना जाता है. उसके स्थान पर नई तुलसी लगाना शुभ माना जाता है. साथ ही गमले की मिट्टी बदलना और सफाई करना जरूरी है ताकि नया पौधा स्वस्थ रह सके.
धार्मिक दृष्टि से देखा जाए तो तुलसी का सूखना अंत नहीं, बल्कि एक संकेत माना जाता है कि हमें अपने घर की ऊर्जा और पूजा-पाठ पर फिर से ध्यान देना चाहिए. शास्त्रों में तुलसी को देवी स्वरूप माना गया है, इसलिए उसकी सेवा, नियमित दीपदान और श्रद्धा बेहद महत्वपूर्ण है. यदि तुलसी सूख जाए तो क्षमा प्रार्थना कर नई तुलसी रोपना शुभ माना जाता है.


