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ECI West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. उससे पहले चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR अभियान चलाया. अब इसमें कुछ अफसरों की लापरवाही की बात सामने आई है. चुनाव आयोग ने इसी सिलसिले में एक्शन लिया है.
ECI West Bengal SIR: चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया में लापरवाही बरतने और अधिकारों का बेजा इस्तेमाल करने के मामले में सात अफसरों को सस्पेंड किया है. (फाइल फोटो)
ECI West Bengal SIR: पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है. उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है. ECI का यह एक्शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है. चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. आयोग ने इन अधिकारियों पर गंभीर कदाचार, कर्तव्य में लापरवाही और वैधानिक शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप लगाए हैं. आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है. साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए. आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए.
ECI के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसके माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची में शामिल हों और अपात्र नाम हटाए जाएं. ऐसे में यदि किसी अधिकारी द्वारा अपने दायित्वों का सही तरीके से निर्वहन नहीं किया जाता या शक्तियों का दुरुपयोग होता है, तो इससे चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है. निलंबित किए गए अधिकारियों में मुर्शिदाबाद जिले की 56 समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र के सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (AERO) डॉ. सेफौर रहमान शामिल हैं, जो कृषि विभाग में सहायक निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. इसके अलावा 55 फरक्का विधानसभा क्षेत्र के AERO और फरक्का के राजस्व अधिकारी नितीश दास को भी निलंबित किया गया है.
ये अफसर भी हुए सस्पेंड
चुनाव आयोग ने 16 मयनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र की AERO और मयनागुड़ी विकास खंड में महिला विकास अधिकारी के रूप में तैनात डालिया रे चौधरी के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. इसके अलावा 57 सूती विधानसभा क्षेत्र के AERO और सूती ब्लॉक के एडीए शेख मुर्शिद आलम को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. इसी क्रम में 139 कैनिंग पूर्व विधानसभा क्षेत्र के दो AERO (सत्यजीत दास (संयुक्त बीडीओ) और जॉयदीप कुंडू (एफईओ)) को भी सस्पेंशन का सामना करना पड़ा है. इसके अतिरिक्त 229 देबरा विधानसभा क्षेत्र के ज्वाइंट बीडीओ और AERO देबाशीष बिस्वास पर भी आयोग ने सख्त कार्रवाई की है.
चुनाव आयोग का कड़ा संदेश
आयोग की इस कार्रवाई को प्रशासनिक हलकों में कड़ा संदेश माना जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आयोग का यह कदम महत्वपूर्ण है. पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है. हालांकि, अभी तक राज्य सरकार की ओर से इस मामले में कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन मुख्य सचिव को दिए गए निर्देशों के बाद विभागीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है. चुनाव आयोग ने दो टूक कहा है कि चुनावी कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. चुनाव आयोग की इस सख्त कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि आयोग चुनावी प्रक्रिया की पवित्रता से कोई समझौता नहीं करेगा और आवश्यक होने पर अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए कठोर कदम उठाता रहेगा.
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बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें


