छतरपुर में फ्री में मिलती है केंचुआ खाद बनाने की ट्रेनिंग, फिर कमाएं मुनाफा, जानें पूरा प्रोसेस

Date:


Last Updated:

अगर आप भी रासायनिक खाद से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आप छतरपुर के प्रगतिशील किसान चितरंजन चौरसिया से प्रशिक्षिण ले सकते हैं जिसके बाद आप घर पर ही केंचुआ खाद बना सकते हैं. साथ ही इसे बेचकर मुनाफा भी कमा सकते हैं.

Zoom

Vermi Compost Khad Free Training: अगर आप भी बाजार की रासायनिक खाद नहीं खरीदना चाहते हैं, तो घर में ही केंचुआ खाद बना सकते हैं. दरअसल, छतरपुर जिले के चितरंजन चौरसिया पिछले 20 सालों से वर्मी कंपोस्ट यानि केंचुआ खाद बना रहे हैं. यहां सालभर केंचुआ खाद बनाने की ट्रेनिंग भी दी जाती है. यहां आप 3 दिन की फ्री ट्रेनिंग ले सकते हैं. यहां निःशुल्क ट्रेनिंग और खाद बनाने के लिए एक किलो केंचुआ भी फ्री में दिया जाता है.

प्रशिक्षण लेने के लिए बड़ी संख्या में शामिल होते हैं युवा
किसान चितरंजन बताते हैं कि यहां किसानों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षण होते हैं. विभागों के द्वारा भी प्रशिक्षण होते हैं. कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और कृषि विज्ञान केन्द्र के भी यहां प्रशिक्षण होते हैं. इन प्रशिक्षणों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में युवा छात्र भी शामिल होते हैं. प्रशिक्षण के लिए आप यहां आ सकते हैं. लेकिन हमसे संपर्क जरुर कर लें. ताकि किसान भाइयों का समय बर्बाद न हो.

इतने दिन का होता है प्रशिक्षण
किसान चितरंजन बताते हैं कि प्रशिक्षण 1 या 3 दिन का ही रहता है. पहले दिन थ्योरी पढ़ाते हैं कि कैसे केंचुआ खाद बनता है. इसके बाद दूसरे दिन प्रैक्टिल होता है यानि केंचुआ खाद बनाना सिखाते हैं.

खाद बनाने के लिए किसानों को मुफ्त बांटे जाते हैं केंचुआ
किसान चितरंजन चौरसिया बताते हैं कि प्रशिक्षण लेने के बाद कोई भी किसान या कोई युवा छात्र घर में केंचुआ खाद बनाना चाहता है तो उसको हम निःशुल्क 1 किलो केंचुआ भी देते हैं. अगर आपको ज्यादा केंचुआ चाहिए, तो फिर आपको केंचुआ खरीदने पड़ेंगे. बता दें, 1 फुट के बेड में 1 किलो केंचुआ डालने होते हैं. 10 फुट का बेड है तो 10 किलो केंचुआ डालने होंगे.

ऐसे बनती है खाद
किसान चितरंजन बताते हैं कि केंचुआ खाद को तैयार करने के लिए गोबर की उतनी ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जितनी केंचुओं की होती है. सबसे महत्वपूर्ण इसमें गोबर तैयार करना होता है. गोबर को सही ढंग से मीसकर ही डालना चाहिए. गोबर में मिट्टी, धूल नहीं मिलनी चाहिए. गोबर को सही से मीसने के बाद एक फुट के बेड में 1 किलो केंचुआ डाल दीजिए. अगर गोबर अच्छे से मीसा हुआ है तो लगभग 60 दिनों में भी खाद बनकर तैयार हो जाती है. इस बात का विशेष ख्याल रखें कि बेड में पानी का छिड़काव करते रहें ताकि केंचुआ गर्मी से मरे नहीं.

किसान चितरंजन बताते हैं कि 1 फुट के बेड में 1 किग्रा केंचुआ डालेंगे तो सही केंचुआ खाद बनेगी. सीधा सा फंडा यह है कि एक काम को जितने ज्यादा लोग करेंगे वह काम भी जल्दी होगा. यही फंडा केंचुआ पर लागू होता है. जितने ज्यादा केंचुआ होंगे उतनी तेजी से खाद बनाएंगे.

बेचकर कमा सकते हैं मुनाफा
किसान चितरंजन बताते हैं कि अगर आप केंचुआ खाद प्रशिक्षण के बाद खुद ही घर पर खाद बनाना सीख लेते हैं, तो फिर आप इसे व्यापक तौर पर भी कर सकते हैं. जितना ज्यादा केंचुआ खाद बनाएंगे. उतना मुनाफा भी होगा. इस खाद को बनाने में लागत बहुत ही कम आती है. इस खाद को आप आसानी से 1000 रुपए क्विंटल में बेच सकते हैं. हालांकि, 15 रुपए किलो भी बिकती है. इसकी डिमांड धीरे-धीरे हर जगह बढ़ रही है. केंद्र और राज्य सरकार भी किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित कर रही हैं.



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related