जेल से आने के बाद क्यों इतने साल शराब घोटाले पर चुप रहे केजरीवाल? बयां किया परिवार का दर्द
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शराब घोटाले में बरी होने के बाद अरविंद केजरीवाल ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि परिवार पर कसे जा रहे तानों की वजह से वे शांत थे। उन्होंने केंद्र को चुनौती देते हुए कहा कि उनके शीर्ष नेताओं को जेल भेजकर भी साजिशें नाकाम रहीं। केजरीवाल ने गंभीर आरोप लगाया कि अब विरोधी उनका ‘कत्ल’ करवाना चाहते हैं क्योंकि वे उनकी काम की राजनीति और स्कूलों का मुकाबला नहीं कर पा रहे हैं।
नई दिल्ली. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाले के आरोपों से सम्मानजनक बरी होने के बाद पहली बार अपना दर्द साझा किया. उन्होंने बताया कि जेल से बाहर आने के बाद वे इसलिए चुप थे क्योंकि उनकी बातों का गलत अर्थ निकालकर उनके परिवार पर ताने मारे जाते थे, जिससे उनके परिजनों को मानसिक कष्ट होता था. मेरे परिवार को फर्क पड़ता था. केजीवाल को फर्क पड़ता है. इसलिए मैंने निर्णय लिया कि मैं इसपर कुछ नहीं बोलूंगा. जब कोर्ट का फैसला आएगा तब सभी को इसका जवाब मिल जाएगा.
केजरीवाल ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने हमारे 5 टॉप लीडर्स को जेल में डाल दिया, सब कुछ करके देख लिया, लेकिन आप केजरीवाल का कुछ नहीं बिगाड़ पाए.” उन्होंने एक बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनके पास एक ही रास्ता बचा है कि उन्हें “केजरीवाल का कत्ल” करवाना पड़ेगा, क्योंकि काम की राजनीति का जवाब वे नहीं दे पा रहे. केजरीवाल ने चुनौती दी कि “मैंने स्कूल बनाए हैं, आप दिल्ली में 5 हजार स्कूल बनाकर दिखाएं.” केजरीवाल का यह बयान स्पष्ट करता है कि वे अब और भी अधिक आक्रामक रणनीति के साथ मैदान में उतरने को तैयार हैं.
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