जोड़ों में दर्द या टूटी हड्डियां? कमजोरी-सूजन में भी असरदार! जानिए इस छोटे से पौधे ‘हड़जोड़’ के चौंकाने वाले फायदे – Uttar Pradesh News

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आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां बताई गई हैं, जिन्हें शरीर के अलग-अलग अंगों की मजबूती के लिए उपयोग किया जाता रहा है. उन्हीं में से एक है हड़जोड़, जिसे अस्थिसंहार भी कहा जाता है. नाम से ही स्पष्ट है कि यह जड़ी-बूटी हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में खास मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में फ्रैक्चर या हड्डी की कमजोरी होने पर लोग पारंपरिक तौर पर इसका इस्तेमाल करते रहे हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, सही तरीके और मात्रा में सेवन करने पर यह हड्डियों की मजबूती, सूजन में राहत और रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में सहायक हो सकती है.

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बलिया. देसी जड़ी-बूटियों की दुनिया में एक साधारण सा दिखने वाला पौधा हड्डियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. इसका नाम ही इसके गुणों का परिचय देता है हड़जोड़, यानी टूटी हड्डियों को जोड़ने वाला. आयुर्वेद में इसे अस्थिसंहार भी कहा जाता है. कई साल से यह जड़ी-बूटी हड्डियों की सेहत के लिए उपयोग की जाती रही है, इसलिए कई जगह इसे “टूटी हड्डियों का डॉक्टर” तक कहा जाता है.

एक्सपर्ट की राय: A to Z हड्डी समस्याओं में सहायक
फेमस आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, हड़जोड़ हड्डियों से जुड़ी कई समस्याओं में लाभकारी बताई गई है. यह शरीर के ऊतकों की मरम्मत प्रक्रिया को सपोर्ट कर सकती है. इसके अलावा पाचन सुधारने में सहायक, गैस और ब्लोटिंग कम करने में मददगार, मेटाबॉलिज्म सुधारकर वजन घटाने में उपयोगी, सूजनरोधी गुणों के कारण बवासीर के दर्द में राहत, ब्लड शुगर नियंत्रण और घाव भरने में सहायक है.

टूटी हड्डियों की रिकवरी में कैसे मददगार?
हड़जोड़ को खासतौर पर हड्डियों की तेज रिकवरी के लिए जाना जाता है. यह कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर बनाकर हड्डियों को जल्दी जुड़ने में मदद कर सकती है. इसी वजह से आयुर्वेदिक चिकित्सक इसे प्लास्टर के साथ सपोर्ट थेरेपी के रूप में लेने की सलाह देते हैं. गठिया, सूजन और जोड़ों की जकड़न से परेशान लोगों के लिए भी यह काफी फायदेमंद मानी जाती है.

बढ़ती उम्र में हड्डियों के लिए फायदेमंद
उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों का कमजोर होना और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं. हड़जोड़ हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में मददगार बताई जाती है. इसके सूजनरोधी गुण जोड़ों की अकड़न कम करने और मूवमेंट बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं.

सावधानी भी है जरूरी
हालांकि यह जड़ी-बूटी कई फायदों के लिए जानी जाती है, लेकिन इसका सेवन बिना विशेषज्ञ की सलाह के नहीं करना चाहिए.
1) गर्भवती महिलाओं.
2) सर्जरी से पहले.
3) किसी गंभीर बीमारी की स्थिति में.
चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है. उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार सही डोज केवल विशेषज्ञ ही बता सकता है. इसलिए किसी भी औषधि का उपयोग डॉक्टर की देखरेख में ही करना चाहिए.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



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