लखनऊः उत्तर प्रदेश में भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के दो वरिष्ठ अधिकारियों को उस विवादास्पद कार्यालय आदेश के संबंध में ट्रांसफर आदेश जारी किए गए हैं, जिसमें बोर्ड निदेशक की प्रस्तावित प्रयागराज यात्रा की व्यवस्था की डिटेल दी गई थी. हालांकि अधिकारियों को अब तक रिलिव्ड नहीं किया गया है. सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया. बीएसएनएल के एक सूत्र ने कहा, ‘‘फिलहाल अधिकारियों को रिलिव्ड नहीं किया गया है.’ उन्होंने कहा कि ट्रांसफर आदेश कर्मचारियों के बीच गहन चर्चा का विषय है.
कैसे लीक हो गया आदेश
सूत्र ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘बात यह है कि कई कर्मचारी जानते हैं कि यह शायद पहली बार नहीं है, जब इस तरह का कार्यालय आदेश जारी किया गया है. हालांकि हर कोई जानता है कि इस बार कार्यालय आदेश लीक हो गया है.’ सूत्र ने कहा कि जिन अधिकारियों को ट्रांसफर आदेश दिए गए थे, उन्होंने शायद स्वयं कार्रवाई नहीं की थी. सूत्र ने कहा, ‘असल में मुद्दा यह है कि अगर ऐसे कार्यालय आदेश गलत थे, तो उन्हें आदेश किसने दिया. उन लोगों को क्यों निशाना बनाया जाए, जिन्होंने केवल आदेशों का पालन किया या पहले किए गए कार्य का पालन किया.’
बीएसएनएल के निदेशक के दौरे को लेकर शुरू हुआ विवाद
यह कार्रवाई उस कार्यालय आदेश पर विवाद के बाद हुई है जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनल) बोर्ड के निदेशक विवेक बंजल की 25-26 फरवरी को प्रस्तावित प्रयागराज यात्रा के लिए विस्तृत व्यवस्था की सूची थी. बाद में दौरा रद्द कर दिया गया और अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.
निदेशक की यात्रा की जिम्मेदारी 50 अधिकारियों पर थी
25-26 फरवरी को रद्द की गई दो दिवसीय यात्रा में संगम में डुबकी, नाव की सवारी और बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट और पातालपुरी मंदिरों के दर्शन के साथ एक बेहद नियोजित कार्यक्रम शामिल था. कथित तौर पर यात्रा कार्यक्रम में लगभग 20 कार्य शामिल थे और 50 अधिकारियों को यात्रा के हर पहलू का प्रबंधन करने के लिए नियुक्त किया गया था, जिसमें परिवहन, आवास और बंजल के लिए व्यक्तिगत व्यवस्था शामिल थी.
एक अधिकारी का ट्रांसफर आंध्र प्रदेश कर दिया गया
प्रयागराज स्थित दो अधिकारियों – जोगेश्वर वर्मा, उप महाप्रबंधक (प्रशासन) और बृजेंद्र कुमार सिंह, प्रधान महाप्रबंधक (व्यावसायिक क्षेत्र) – को स्थानांतरण आदेश जारी किए गए. सिंह को आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है जबकि वर्मा को राष्ट्रीय दूरसंचार क्षेत्र में तैनात किए जाने की संभावना है. समझा जाता है कि वे कानूनी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. कार्यालय आदेश में यात्रा के विभिन्न पहलुओं का प्रबंधन करने के लिए कई अधिकारियों को कथित तौर पर नियुक्त किया गया था, जिसमें आतिथ्य-संबंधी प्रावधानों के अलावा संगम डुबकी और अन्य कार्यक्रमों की व्यवस्था भी शामिल थी.
विवाद पर क्या बोले थे केंद्रीय मंत्री
विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस प्रकरण को ‘‘अस्वीकार्य’’ बताया और कहा कि यह ‘‘सभी नियमों और परंपराओं का उल्लंघन करता है.’ उन्होंने कहा, ”नए भारत में इस तरह का आदेश अस्वीकार्य है.” उन्होंने इन व्यवस्थाओं को ”बेतुके से भी परे” और ”चौंकाने वाला” बताया. इससे पहले, ‘बीएसएनएल इंडिया’ ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि यह मामला उसके पेशेवर मानकों के अनुरूप नहीं था और आचरण नियमों के सख्त पालन को दोहराते हुए उचित कार्रवाई की गई थी. स्थानांतरण आदेश जारी होने लेकिन अभी तक लागू नहीं होने के बीच मामला विभागीय समीक्षा के अधीन है। मामले की जांच जारी है.


