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विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान और इजराइल दोनों देशों के विदेश मंत्री से फोन पर बात की. उन्होंने ईरान और इजरायल को आपस में बातचीत और कूटनीति का रास्ता अपनाने की सलाह दी. दोनों ही देश एक-दूसरे पर मिसाइलों से हमले कर रहे हैं, जिससे मिडिल-ईस्ट में तनाव बढ़ गया है.
ईरान और इजराइल के विदेश मंत्री से जयशंकर ने बात की. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. मिडिल ईस्ट में भयंकर महायुद्ध छिड़ने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है. ईरान और इजराइल के बीच हालात बहुत ज्यादा खराब हो गए हैं. इस खतरनाक तनाव के बीच अब भारत ने एंट्री मारी है. भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गए हैं. उन्होंने शनिवार को इजराइल और ईरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से फोन पर लंबी बातचीत की है. जयशंकर ने इस पूरे इलाके में लगातार बिगड़ते डेवलपमेंट पर भारत की बहुत गहरी चिंता जताई है. उन्होंने दोनों देशों को इस महायुद्ध को तुरंत रोकने की सलाह दी है. जयशंकर ने तनाव कम करने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी का रास्ता अपनाने को कहा है. भारत के इस बड़े शांति प्रयास से पूरी दुनिया की उम्मीदें अब काफी ज्यादा बढ़ गई हैं.
इजराइली विदेश मंत्री गिदोन सार से की लंबी बात
एस जयशंकर ने ‘एक्स’ पर इस अहम बातचीत की पूरी जानकारी दी है. उन्होंने शनिवार दोपहर को इजराइली विदेश मंत्री गिदोन सार से फोन पर बात की. जयशंकर ने इस भयंकर तनाव को कम करने की अपील की. उन्होंने इजराइल को शांति के लिए बातचीत का रास्ता अपनाने की कड़ी सलाह दी. भारत ने एक बार फिर से अपनी कूटनीति की ताकत दिखाई है.
ईरान को भी दी शांति और डिप्लोमेसी की कड़ी सलाह
इजराइल के बाद जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री से भी लंबी चर्चा की. उन्होंने शनिवार शाम को ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची को फोन किया. जयशंकर ने ईरान और पूरे इलाके के हालिया डेवलपमेंट पर बहुत गहरी चिंता जताई. भारत ने दोनों दुश्मन देशों को शांति की मेज पर लाने का बड़ा प्रयास किया है. दुनिया भर की नजरें अब भारत की इस अहम और दमदार डिप्लोमेसी पर टिकी हैं.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

