तीन शहरों में मिलती हैं एआई से जुड़ी सबसे ज्‍यादा नौकरियां, 70 फीसदी लोग यहीं करते हैं काम, सबसे आगे साउथ का शहर

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AI Job in India : एआई का इस्‍तेमाल और विस्‍तार तो पूरे देश और दुनिया में हो रहा है, लेकिन भारत में इससे जुड़ी सबसे ज्‍यादा नौकरियों की बात करें तो वह सिर्फ तीन शहरों से ही आती है. इसमें भी सिलिकन सिटी बैंगलुरु एक चौथाई हिस्‍सेदारी के साथ सबसे ऊपर है. इसके बाद दिल्‍ली-एनसीआर और मुंबई का नंबर आता है.

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एआई से जुड़ी सबसे ज्‍यादा नौकरी बैंगलुरु में मिलती है.

नई दिल्ली. प्रॉपर्टी कंसल्टेंट सीबीआरई के अनुसार, नौकरी डॉट कॉम पोर्टल पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी लगभग 70 फीसदी नौकरी की वैकेंसी बेंगलुरु, दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में केंद्रित हैं. यह आंकड़ा दिसंबर 2025 तक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नौकरी डॉट कॉम पर उपलब्ध 64,500 से अधिक सक्रिय नौकरी की लिस्टिंग के आधार पर तैयार किया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक, तकनीक के विकास का मुख्य केंद्र बेंगलुरु है जहां कुल एआई से जुड़ी नौकरियों में 25.4 फीसदी हिस्सेदारी रहती है. इसके बाद दिल्ली-एनसीआर 24.8 फीसदी और मुंबई 19.2 फीसदी की हिस्सेदारी आती है. नौकरी डॉट कॉम पोर्टल से डेटा विशेष रूप से एआई टैग वाली ओपन जॉब लिस्टिंग पर केंद्रित था. कंसल्टेंट ने स्पष्ट किया कि यह भारत में एआई आधारित सभी नौकरियों का प्रतिनिधित्व नहीं करता, लेकिन ज्‍यादातर सेक्‍टर से जुड़ी नौकरियां इन तीन शहरों से ही आती हैं.

अन्‍य शहरों की क्‍या स्थिति
सीबीआरई के अनुसार, हैदराबाद में एआई से जुड़ी नौकरी की वैकेंसी 12.5 फीसदी, पुणे में 9.6 फीसदी, चेन्नई में 6.4 फीसदी और कोलकाता में 2.1 फीसदी है. फिलहाल एआई रोल्स के लिए तीन प्रमुख डोमेन हैं, इंजीनियरिंग (सॉफ्टवेयर और क्वालिटी एश्योरेंस), डेटा साइंस और एनालिटिक्स और कस्टमर सक्सेस, सर्विस व ऑपरेशंस. इन तीन सेक्‍टर में ही सबसे ज्‍यादा एआई का इस्‍तेमाल हो रहा है.

एआई अब ग्रोथ के लिए जरूरी
सीबीआरई के चेयरमैन और सीईओ अंशुमान मैगजीन ने कहा कि एआई अब सिर्फ एक चर्चा का विषय नहीं, बल्कि भारत की व्यापक आर्थिक और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ स्टोरी का अहम हिस्सा बन गया है. एआई प्रोफेशनल्स की बढ़ती मांग सिर्फ एक जॉब ट्रेंड नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि ग्लोबल कंपनियां भारत को अब सिर्फ सर्विस डिलीवरी के लिए नहीं, बल्कि एंड-टू-एंड इनोवेशन के हब के रूप में देख रही हैं. यह बदलाव देश के आर्थिक परिदृश्य और ग्लोबल डिजिटल वैल्यू चेन में भारत की स्थिति को फिर से परिभाषित करने वाला है.

बैंगलुरु का हायरिंग में दबदबा
सीबीआरई ने बताया कि बेंगलुरु में एआई हायरिंग में दबदबा मुख्य रूप से ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) की बड़ी संख्या की वजह से है. साल 2025 में बैंगलुरु ने जीसीसी द्वारा देश के कुल ऑफिस स्पेस लीजिंग गतिविधियों का एक-तिहाई से अधिक हिस्सा हासिल किया. दिल्ली-एनसीआर में कंसल्टिंग, फिनटेक, हेल्थकेयर और पब्लिक सेक्टर इनिशिएटिव्स से एआई की मजबूत मांग देखी जा रही है.

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें



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