छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में इस बार अनुकूल मौसम के चलते आम के पेड़ों में भरपूर बौर आया है और फल लगना शुरू हो गया है. इससे किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार दशहरी और तोतापुरी जैसी किस्में बेहतर उत्पादन दे सकती हैं, बशर्ते समय पर देखभाल की जाए. नमी और बादल के कारण माहो (एफिड) कीट व फंगस का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए इमिडाक्लोरोपिड व फफूंदनाशक दवाओं का संतुलित छिड़काव जरूरी है. जैविक खेती करने वाले किसान पंचगव्य का उपयोग कर सकते हैं, जिससे पौधों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और फल गुणवत्ता बेहतर होती है.


