क्राइम न्यूज. दिल्ली के अशोक विहार इलाके में 3 साल की मासूम बच्ची के अपहरण का मामला पुलिस ने कुछ ही घंटों में सुलझाकर एक बड़ी सफलता हासिल की है. तेज कार्रवाई और बेहतर समन्वय का उदाहरण पेश करते हुए पुलिस टीम ने बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
जानकारी के अनुसार 22 फरवरी 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम को एक कॉल मिली जिसमें बताया गया कि वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित बजाज फैक्ट्री के पास से एक 3 साल की बच्ची का अपहरण कर लिया गया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत हरकत में आ गई और मौके पर टीम भेजी गई.
अशोक विहार थाना प्रभारी इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई. इस टीम में एसआई रोहित चाहर, एसआई राकेश, हेड कांस्टेबल पवन, मनोज और अजय शामिल थे. पूरी कार्रवाई एसीपी अशोक विहार आकाश रावत की निगरानी में की गई.
पुलिस ने बिना समय गंवाए इलाके को घेर लिया और अलग-अलग टीमों को अलग जिम्मेदारियां दी गईं. एक टीम ने मौके पर स्थानीय लोगों से पूछताछ कर अहम जानकारी जुटाई जबकि दूसरी टीम ने आसपास की सड़कों और फैक्ट्रियों के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया. लगातार जांच और तकनीकी विश्लेषण के बाद पुलिस को एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान मिली.
जांच में पता चला कि आरोपी अमित, जो वजीरपुर इंडस्ट्रियल एरिया की एक फैक्ट्री में काम करता है, घटना में शामिल हो सकता है. पुलिस ने तुरंत उसका मोबाइल नंबर ट्रैकिंग पर लगाया और तकनीकी निगरानी शुरू कर दी. रियल टाइम लोकेशन के आधार पर पुलिस ने संदिग्ध इलाके में एक साथ छापेमारी की.
पीसीआर कॉल मिलने के कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी अमित पुत्र दलचंद, उम्र 47 वर्ष, को पकड़ लिया और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया. बच्ची पूरी तरह सुरक्षित और बिना किसी चोट के मिली.
जब पुलिस रात के समय बच्ची को लेकर वापस मौके पर पहुंची तो बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए. पुलिस की तेज कार्रवाई से खुश लोगों ने “दिल्ली पुलिस जिंदाबाद” के नारे लगाए और पुलिस पर अपना भरोसा जताया.
इस मामले में अशोक विहार थाने में एफआईआर नंबर 65/26 के तहत बीएनएस की धारा 137(2) में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है. आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रात के समय की गई इस त्वरित कार्रवाई ने न सिर्फ बच्ची की जान बचाई बल्कि इलाके में फैलने वाली दहशत को भी रोका. फिलहाल मामले की आगे की जांच जारी है.


