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Delhi-Meerut Expressway Smart Traffic Booths: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सफर अब और सुरक्षित होगा. NHAI द्वारा यूपी गेट से डासना के बीच सड़क के दोनों ओर 20 ‘हाईटेक स्मार्ट ट्रैफिक बूथ’ बनाए जा रहे हैं. ये बूथ सोलर सिस्टम, HD कैमरों और अनाउंसमेंट सिस्टम से लैस होंगे, जो पुलिसकर्मियों को सुरक्षा देने के साथ-साथ रॉन्ग साइड चलने वालों और स्टंटबाजों पर पैनी नजर रखेंगे. अत्याधुनिक तकनीक वाले ये बूथ किसी मिनी कंट्रोल रूम की तरह काम करेंगे, जिससे एक्सप्रेसवे पर सड़क हादसों में भारी कमी आने की उम्मीद है.
फोटो-AI
Delhi-Meerut Expressway Smart Traffic Booths: दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है. नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) अब इस व्यस्त मार्ग को न केवल सुरक्षित बनाने जा रही है, बल्कि ट्रैफिक पुलिस को भी ‘हाईटेक’ कवच देने वाली है. यूपी गेट से डासना के बीच सड़क के दोनों तरफ 20 आधुनिक ट्रैफिक बूथ बनाए जा रहे हैं, जो किसी साधारण केबिन की तरह नहीं, बल्कि एक ‘स्मार्ट कंट्रोल रूम’ की तरह काम करेंगे. इन बूथों के आने से स्टंटबाजों और रॉन्ग साइड चलने वालों की अब खैर नहीं होगी.
क्यों पड़ी इन स्मार्ट बूथों की जरूरत?
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर पिछले कुछ समय में हादसों की संख्या में इजाफा हुआ है. सबसे चिंताजनक बात यह है कि ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं थे. हाल ही में एक दर्दनाक हादसे में एक बेकाबू वाहन ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी को टक्कर मार दी थी. इसके अलावा, एक्सप्रेसवे पर धूल, चिलचिलाती धूप और बारिश के बीच पुलिसकर्मियों को घंटों खड़ा रहना पड़ता है.
इन चुनौतियों को देखते हुए NHAI ने इन मजबूत और सुरक्षित बूथों का निर्माण शुरू किया है. ये बूथ पुलिसकर्मियों को न केवल मौसम की मार से बचाएंगे, बल्कि अनियंत्रित वाहनों से भी सुरक्षा प्रदान करेंगे.
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ‘स्मार्ट कंट्रोल रूम’
ये ट्रैफिक बूथ पूरी तरह से तकनीक पर आधारित होंगे. इनकी मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- सोलर पावर सिस्टम: बिजली की खपत कम करने और पर्यावरण को बचाने के लिए इन्हें सोलर पैनल से जोड़ा जा रहा है.
- हाई-डेफिनिशन (HD) कैमरे: बूथ के अंदर बैठे-बैठे ही पुलिसकर्मी एक्सप्रेसवे की पूरी सड़क को मॉनिटर कर सकेंगे.
- अनाउंसमेंट सिस्टम: अगर कोई वाहन गलत तरीके से खड़ा है या रॉन्ग साइड से आ रहा है, तो पुलिसकर्मी अंदर से ही लाउडस्पीकर के जरिए उसे चेतावनी दे सकेंगे.
- कंप्यूटराइज्ड सेटअप: हर बूथ के अंदर कंप्यूटर की सुविधा होगी, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वालों का डेटा तुरंत रिकॉर्ड किया जा सके.
इन प्रमुख स्थानों पर बनाए जा रहे हैं बूथ
NHAI ने उन संवेदनशील स्थानों की पहचान की है, जहां जाम की समस्या सबसे अधिक रहती है या जहां से वाहनों की अवैध एंट्री और एग्जिट होती है. कुल 20 स्थानों पर ये बूथ बनाए जाएंगे, जिनमें शामिल हैं:
- यूपी गेट (गाजीपुर बॉर्डर)
- खोड़ा पुश्ता एंट्री/एग्जिट
- इंदिरापुरम (नीति खंड और शक्ति खंड के पास)
- नोएडा सेक्टर-62 कट
- छिजारसी कट
- विजय नगर और प्रताप विहार
- लाल कुआं
- डासना इंटरचेंज
रॉन्ग साइड और स्टंटबाजों पर होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’
अक्सर देखा जाता है कि लोग कुछ किलोमीटर बचाने के चक्कर में एक्सप्रेसवे पर गलत दिशा में गाड़ी चलाते हैं, जो जानलेवा साबित होता है. इन बूथों में लगे कैमरों की मदद से पुलिसकर्मी ऐसे लोगों पर तुरंत एक्शन ले सकेंगे. साथ ही, एक्सप्रेसवे पर स्टंट करने वाले युवाओं की पहचान करना भी अब आसान हो जाएगा.
अरविंद कुमार (प्रोजेक्ट डायरेक्टर, DME) के अनुसार, ‘दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स के अलावा जाम वाले स्थानों को चिन्हित किया गया है. इन आधुनिक बूथों से पुलिस को रॉन्ग साइड चलने वालों को रोकने में काफी मदद मिलेगी.’
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


