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Purnia News: पूर्णिया के इंटर पास युवा रविशंकर ने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए बड़ी डिग्री नहीं, बल्कि बड़ा इरादा जरूरी होता है. कभी प्राइवेट नौकरी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे रविशंकर ने मात्र ₹10 हजार उधार लेकर एक छोटा सा फूड कार्ट शुरू किया. आज उनके शहर में पांच स्टॉल संचालित हो रहे हैं, जहां ₹40 प्रति प्लेट में शुद्ध व्यंजन परोसते हुए वे रोजाना करीब ₹5000 तक का मुनाफा कमा रहे हैं और पांच लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं. रिपोर्ट- विक्रम झा
कहते है कि कमाने का तरीका सही होना चाहिए और आपकी मेहनत, लगन और सच्चे प्रयास से किये गये काम में सफलता मिलती है. ऐसी ही कहानी पूर्णिया के रहने वाले इंटर पास युवा रविशंकर की है. जिन्हें नौकर नहीं मालिक बनने का सपना एक स्टॉल से 5 स्टॉल का मालिक बना दिया.
रविशंकर ने न्यूज 18 लोकल की टीम से बातचीत करते हुए बताया कि उन्होंने इंटर तक पढ़ाई की और कई जगह प्राइवेट कंपनियों, ऑटो मोबाइल सेक्टर और बैंकिंग फाइनेंसिंग में नौकरी की. लेकिन उनका गुजारा सही से नहीं चल रहा था.
आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने कई अलग-अलग काम करने की कोशिश की. लेकिन उनकी हिम्मत और अनुभव ने उन्हें इस काम के लिए चुना.
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रविशंकर बताते है कि उन्होंने इंटर तक पढ़ाई के बाद कई जगह और सरकारी नौकरियों का भी ट्रायल किया. लेकिन सफलता नहीं मिली. फिर उन्होंने अपने रिश्तेदारों से 10000 रुपये कर्ज लेकर पूर्णिया में एक छोटे से फूड कार्ट स्टार्टअप की शुरुआत की.
रविशंकर ने बताया कि इस स्टार्टअप में महज 10000 की लागत से राजमा चावल, मटर पनीर चावल, कढ़ी चावल, गुलाबजामुन और रसगुल्ला का स्वाद लोगों को परोसते है.
रविशंकर का फूड कार्ट पूर्णिया शहर के राजकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल गेट के सामने सड़क किनारे लगता है, जबकि गुलाबबाग, बिलोरी समेत अन्य कई जगहों पर भी उनके पांच स्टॉल है. जिससे उन्होंने पांच लोगों को रोजगार भी दिया है.
रविशंकर ने बताया कि दूसरे की नौकरी न करके अपना खुद का बिजनेस करने में उन्हें बहुत मजा आता है. एक स्टॉल से ही उन्हें रोजाना करीब 5000 रुपये का मुनाफा होता है. जिससे वे आसानी से जीवन यापन करते है. पूर्णिया के विभिन्न जगहों पर वे शुद्ध व्यंजन मात्र 40 रुपये प्रति प्लेट में परोसते है.


