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गाजियाबाद: डिजिटल दौर में ऑनलाइन पेमेंट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदनी हो, बिजली-पानी का बिल भरना हो या ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो, अब ज्यादातर लोग कुछ ही सेकंड में मोबाइल से भुगतान कर देते हैं. लेकिन, इस सुविधा के बीच एक छोटी सी लापरवाही आपको बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा सकती है. खासतौर पर पब्लिक या ओपन वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय जरा सी असावधानी आपकी निजी और बैंकिंग जानकारी को खतरे में डाल सकती है.
गाजियाबाद. आज के समय में ऑनलाइन पेमेंट हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सब्जी खरीदनी हो, बिजली का बिल भरना हो या ऑनलाइन शॉपिंग करनी हो, लोग कुछ ही सेकंड में मोबाइल से भुगतान कर देते हैं. लेकिन, इस सुविधा के दौर में जरा सी लापरवाही बड़ा नुकसान करा सकती है. खासतौर पर ओपन या पब्लिक वाई-फाई का इस्तेमाल करना बेहद खतरनाक साबित हो सकता है.
पब्लिक वाई-फाई बन सकता है साइबर अपराधियों का जाल
साइबर एक्सपर्ट कामाक्षी शर्मा के मुताबिक, पब्लिक वाई-फाई कई बार साइबर अपराधियों का जाल साबित होता है. रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, बाजार या कैफे में मिलने वाला फ्री वाई-फाई सुविधाजनक जरूर लगता है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित नहीं होता. कई मामलों में हैकर फर्जी वाई-फाई नेटवर्क तैयार कर लोगों को उससे कनेक्ट कर लेते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति उस नेटवर्क से जुड़ता है, उसकी निजी जानकारी खतरे में पड़ जाती है.
क्या है ‘मैन इन द मिडल’ अटैक?
सबसे आम साइबर खतरा है मैन इन द मिडल अटैक. इसमें हैकर आपके फोन और वाई-फाई राउटर के बीच ट्रांसफर हो रहे डाटा को बीच में ही पकड़ लेता है. यानी आप जो भी जानकारी भेज रहे हैं, चाहे वह ओटीपी हो, पासवर्ड हो या बैंक डिटेल, वह सीधे साइबर अपराधी तक पहुंच सकती है. सबसे खतरनाक बात यह है कि आपको इसकी भनक तक नहीं लगती.
सेशन हाईजैकिंग से खाली हो सकता है अकाउंट
दूसरा बड़ा खतरा है सेशन हाईजैकिंग. अगर आप ओपन वाई-फाई से जुड़े हैं और बैंकिंग वेबसाइट या पेमेंट ऐप जैसे पेटीएम या फोनपे का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हैकर आपके लॉगिन सेशन को हाईजैक कर सकता है. इसका मतलब है कि वह आपकी तरह बनकर आपके अकाउंट तक पहुंच सकता है और गलत ट्रांजैक्शन कर सकता है. थोड़ी सी चूक आपके बैंक खाते को खाली कर सकती है.
घर का वाई-फाई भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं
सिर्फ पब्लिक वाई-फाई ही नहीं, घर का वाई-फाई भी तब तक सुरक्षित नहीं है जब तक उसकी सुरक्षा मजबूत न हो. अगर राउटर में सुरक्षा कमज़ोर है, तो उस पर डीडीओएस (DDoS) अटैक किया जा सकता है. इस स्थिति में राउटर पर इतनी ज्यादा रिक्वेस्ट भेजी जाती हैं कि वह काम करना बंद कर देता है. इसके बाद हैकर उसी नाम से मिलता-जुलता फर्जी नेटवर्क बनाकर लोगों को कनेक्ट कर सकता है और उनकी जानकारी चुरा सकता है.
ऐसे रखें खुद को सुरक्षित
ऑनलाइन पेमेंट करते समय कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है:
1) ऑनलाइन भुगतान हमेशा अपने मोबाइल डाटा या भरोसेमंद निजी वाई-फाई से करें.
2) फोन की सेटिंग में जाकर ऑटो-कनेक्ट का विकल्प बंद रखें.
3) टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जरूर चालू रखें.
4) समय-समय पर पासवर्ड बदलते रहें.
5) मजबूरी में ओपन वाई-फाई का उपयोग करना पड़े तो पहले वीपीएन से कनेक्ट करें, फिर लॉगिन करें.
6) थोड़ी सी सतर्कता आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है. डिजिटल दौर में जागरूक रहना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें


