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कई साल तक शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने और फिर कुंडली न मिलने का बहाना बनाकर शादी से पीछे हटने वाले एक शख्स की जमानत याचिका दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है. हाईकोर्ट ने शादी का झूठा वादा कर संबंध बनाने और कुंडली का बहाना बनाकर मुकरने को भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत अपराध माना है.
दिल्ली हाईकोर्ट ने कुंडली न मिलने का बहाना बनाकर शादी से मुकरने वाले शख्स की जमानत रद्द कर दी है.
दिल्ली हाईकोर्ट में आए एक अजीबोगरीब मामले में कोर्ट ने आरोपी लड़के को जमानत देने से इनकार कर दिया है. लड़के पर आरोप है कि उसने महिला को शादी का झांसा देकर पहले शारीरिक संबंध बनाए लेकिन बाद में कुंडली न मिलने की बात कहकर शादी से पीछे हट गया. इसे लेकर पीड़िता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और इंसाफ की मांग की.
क्या है मामला?
इस मामले में महिला ने शुरुआत में नवंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उसने शादी का बार-बार भरोसा दिलाने के बाद भी शादी न करने का आरोप लगाते हुए लड़के के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. हालांकि आरोपी और उसके परिवार ने पीड़िता को पक्का भरोसा दिलाया कि वह शादी कर लेगा तब महिला ने अपनी शिकायत वापस ले ली.
हालांकि बाद में आरोपी ने फिर से कुंडली न मिलने का बहाना कर शादी करने से इनकार कर दिया. जिसके बाद महिला ने जनवरी 2026 में आईपीसी की धारा 376 और बीएनएस की धारा 69 के तहत नई एफआईआर दर्ज कराई, जिसके बाद आरोपी को 4 जनवरी को न्यायिक हिरासत में ले लिया गया.
आरोपी ने क्या दी दलील..
जेल में बंद आरोपी के वकील ने हाईकोर्ट में जमानत की याचिका दायर करते हुए दलील दी कि महिला और पुरुष एक दूसरे को पिछले 8 साल से जानते हैं. दोनों के बीच शारीरिक संबंध आपसी सहमति से बने थे, ऐसे में इस मामले में ‘शादी के झूठे वादे पर रेप’ का नियम लागू नहीं होता है.
कोर्ट ने क्या दिया जवाब
इसके बाद हाईकोर्ट की जस्टिसे ने कहा कि एफआईआर दर्ज होने तक की पूरी घटनाओं पर गौर किया जाए तो ये बातें सिर्फ एक असफल रिश्ते की तरफ इशारा नहीं करती हैं बल्कि यह दिखाता है कि आरोपी को पहले ही पता था कि उसका परिवार कुंडली मिलाए बगैर शादी नहीं करेगा और फिर भी उसने महिला को शादी का बार-बार झूठा भरोसा दिया. जज ने कहा कि यह मामला सिर्फ रिश्ता खराब होने का नहीं है, बल्कि महिला से किए गए वादे की सच्चाई पर गंभीर सवाल उठाता है.
कोर्ट ने साफ किया कि सिर्फ कोई रिश्ता टूट जाने या शादी न हो पाने पर आपराधिक कानून का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता लेकिन, पहले शादी का पक्का वादा करना और बाद में कुंडली का बहाना बनाकर मुकर जाना, वादे की नीयत पर सवाल खड़े करता है. ऐसी स्थिति में यह व्यवहार भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है.
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अमर उजाला एनसीआर में रिपोर्टिंग से करियर की शुरुआत करने वाली प्रिया गौतम ने हिंदुस्तान दिल्ली में संवाददाता का काम किया. इसके बाद Hindi.News18.com में वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम कर रही हैं. हेल्थ एंड लाइफस्…और पढ़ें


