पीलीभीत के ऐतिहासिक दरवाजे खंडहर की ओर! क्या बचेगा बरेली और कोतवाली गेट का गौरव? जानिए सब

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पीलीभीत, जो अपने घने जंगलों और बाघों के लिए जाना जाता है, ऐतिहासिक दृष्टि से भी समृद्ध है. यहां की वास्तुशिल्प धरोहरों में बरेली दरवाजा और कोतवाली गेट शामिल हैं, जिन्हें रोहिल्ला काल में शहर की सुरक्षा के लिए बनवाया गया था. संरक्षित सूची में होने के बावजूद, ये महत्वपूर्ण स्मारक लापरवाही के कारण धीरे-धीरे खंडहर बन रहे हैं. सामाजिक कार्यकर्ता और इतिहास प्रेमी सरकार से इन्हें पुनर्स्थापित करने और पीलीभीत के सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील कर रहे हैं.

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पीलीभीत. उत्तर प्रदेश का पीलीभीत जिला न केवल घने जंगलों और बाघों के लिए जाना जाता है, बल्कि इसका ऐतिहासिक महत्व भी कम नहीं है. रोहिल्ला शासन काल में शहर की सुरक्षा के लिए चारों ओर अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया गया था, जिसके हिस्से के रूप में कई भव्य दरवाजे बनवाए गए थे. समय और प्रशासनिक लापरवाही के कारण इनमें से अधिकांश दरवाजे नष्ट हो गए, लेकिन बरेली दरवाजा और कोतवाली गेट आज भी अपनी मौजूदगी कायम रखे हुए हैं.

भव्यता और वर्तमान बदहाली
पीलीभीत के ये ऐतिहासिक दरवाजे आज रखरखाव के अभाव में बदहाल हो रहे हैं. दीवारों पर जमी काई, दरकती ईंटें और क्षतिग्रस्त संरचना यह दर्शाती है कि प्रशासन ने इन पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया. स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इन दरवाजों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो जिले की यह अनमोल पहचान पूरी तरह खो जाएगी.

सामाजिक प्रयास और संरक्षण की पहल
सामाजिक कार्यकर्ता शिवम कश्यप ने इन दरवाजों को बचाने के लिए लगातार प्रयास किए. उनके पत्राचार और जन-जागरण के परिणामस्वरूप ये दरवाजे राज्य पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की संरक्षित सूची में शामिल हुए. हालांकि कागजों पर संरक्षण मिला, लेकिन जमीनी स्तर पर इनकी स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है.

पीलीभीत का गौरव और पर्यटन संभावनाएं
शिवम कश्यप के अनुसार, पीलीभीत न केवल प्राकृतिक संपदा बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है. रोहिल्ला काल की ये निशानियां पूर्वजों की वास्तुकला और सामरिक कौशल का प्रतीक हैं. यदि सरकार और संबंधित विभाग इन स्मारकों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण करें, तो ये न केवल जिले का गौरव बढ़ाएंगे बल्कि पर्यटन को भी नई दिशा देंगे. फिलहाल, इतिहास प्रेमी इन दरवाजों के ‘अच्छे दिन’ आने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.

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Madhuri Chaudhary

पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें



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