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हाईस्कूल की छात्रा सौम्या सेठ ने पेपर देने के बाद बताया कि आज साइंस का पेपर था. एवरेज पेपर आया हुआ, न ज्यादा कठिन था और न ही ज्यादा सरल था. फिजिक्स के थ्योरिकल प्रश्न उलझाने वाले थे. उसमें सबसे ज्यादा परेशानी हुई. बाकी सवालों को हल करने में दिक्कत नहीं हुई. सवाल सारे सिलेबस में से ही आए हुए थे, लेकिन सवाल सबसे ज्यादा कठिनाई सवालों को समझकर उसे सॉल्व करने में हुई.
मिर्जापुर: यूपी बोर्ड हाई स्कूल की विज्ञान की परीक्षा संपन्न हुई. इस बार विज्ञान का पेपर उलझाने और फंसाने वाला बना था. फिजिक्स के सवाल को देखकर जहां छात्रों का माथा चकरा गया, तो वहीं केमिस्ट्री के सवालों में छात्र उलझे हुए नजर आए. परीक्षा देने के बाद बाहर निकले छात्रों ने कहा कि विज्ञान का पेपर सिलेबस से थोड़ा इतर बनाया गया था. यहीं वजह रही कि इस बार सवालों को समझने और सॉल्व करने में सबसे ज्यादा परेशानी हुई. पिछले कुछ सालों की अपेक्षा इस बार का पेपर थोड़ा कठिन बनाया गया था.
फिजिक्स के थ्योरिकल प्रश्न उलझाने वाले थे
हाईस्कूल की छात्रा सौम्या सेठ ने पेपर देने के बाद बताया कि आज साइंस का पेपर था. एवरेज पेपर आया हुआ, न ज्यादा कठिन था और न ही ज्यादा सरल था. फिजिक्स के थ्योरिकल प्रश्न उलझाने वाले थे. उसमें सबसे ज्यादा परेशानी हुई. बाकी सवालों को हल करने में दिक्कत नहीं हुई. सवाल सारे सिलेबस में से ही आए हुए थे, लेकिन सवाल सबसे ज्यादा कठिनाई सवालों को समझकर उसे सॉल्व करने में हुई.
इस बार नंबर थोड़ा कम ही आएगा
दिव्या तिवारी ने बताया कि सवाल अनुमानित आया हुआ था. अध्य्यापकों ने पहले से ही गाइड किए हुए थे. विद्या के साथ ही अन्साल्ड पेपर से तैयारी कर लेने की वजह से सवालों को सॉल्व करने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई. हालांकि, इस बार नंबर थोड़ा कम ही आएगा. क्योकि, सवाल फंसाने वाले थे.
घुमाकर पूछे गए थे सवाल
विनीत दुबे ने बताया कि आज विज्ञान का पेपर था. पेपर अच्छा गया, प्रश्नों में कठिनाई नहीं हुई. सवाल पढ़ाई से थोड़ा अलग ही आया हुआ था, जो थोड़ा कठिन लगा. बाकी सवालों में कोई परेशानी नहीं हुई. आस्था दुबे ने बताया कि हमने पहले से ही तैयारी मजबूत रखी थी. कोई सवाल कठिन नहीं लगा. इस बार के पेपर में सवालों को घुमाकर पूछा गया था, जिससे दिक्कतें हुई. बाकी हर बार की तरह ही इस बार भी पेपर बना था.
श्रद्धा ने बताया कि इस बार का केमेस्ट्री का परीक्षा सबसे ज्यादा कठिन था. जो तैयारी की थी, उसी में सवाल पूछे गए थे, लेकिन थोड़े कठिन सवाल थे. पेपर औसत था. नंबर 60 से 80 के बीच आने का अनुमान है.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


