बदलापुर: महाराष्ट्र के बदलापुर शहर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने सुरक्षा एजेंसियों और समाज को झकझोर कर रख दिया है. यहां चोरी-छिपे चल रहे ‘स्त्रीबीज’ (Female Semen/Eggs) के अवैध उत्पादन और तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है. इस काले धंधे में शामिल सिंडिकेट महिलाओं की मजबूरी का फायदा उठाकर करोड़ों रुपये कमा रहा है जबकि एग देने वाली महिलाओं को केवल चंद हजार रुपये और उम्र भर की बीमारियां मिल रही हैं.
न्यूज 18 मराठी के हाथ लगे इस तस्करी बाजार के ‘रेट कार्ड’ ने सबको हैरान कर दिया है. इस अवैध बाजार में एग की कीमत महिला की खूबसूरती, उसके पेशे और समाज में उसकी हैसियत के आधार पर तय की जाती है. चौंकाने वाली बात यह है कि इस सिंडिकेट के तार फिल्म इंडस्ट्री, मॉडलिंग और खेल जगत से भी जुड़े होने की आशंका है.
बाजार में तय किए गए दाम
· मजदूर महिलाएं: जरूरतमंद मजदूर महिलाओं के एग 2 लाख रुपये या उससे अधिक में बेचे जा रहे हैं.
· आम लेकिन सुंदर महिलाएं: साधारण मगर गोरी और सुडौल कद-काठी वाली महिलाओं के एग की कीमत 10 लाख रुपये तक है.
· मॉडल और एक्ट्रेस: ग्लैमर वर्ल्ड से जुड़ी महिलाओं के एग का सौदा 25 लाख रुपये से लेकर कई करोड़ों रुपये तक में हो रहा है.
· महिला खिलाड़ी और बिजनेसवुमेन: एथलीट्स और बड़े घरानों की महिलाओं के एग की मांग सबसे अधिक है, जिनकी कीमत 10 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है.
मजबूरी का फायदा और जान से खिलवाड़
इस रैकेट का सबसे काला पक्ष यह है कि जिन जरूरतमंद महिलाओं से ये एग लिए जाते हैं उन्हें इस करोड़ों के खेल की भनक तक नहीं लगने दी जाती. उन्हें मात्र 15 से 20 हजार रुपये थमा दिए जाते हैं. अत्यधिक हार्मोनल इंजेक्शन और असुरक्षित प्रक्रियाओं के कारण इन महिलाओं को गंभीर शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यह न केवल मानव अंगों की तस्करी का मामला है बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य और गरिमा के साथ भी एक जघन्य अपराध है. पुलिस अब इस मामले के मास्टरमाइंड और इसमें शामिल बड़े नामों की तलाश में जुटी है.
खबर प्वाइंट्स
· अवैध नेटवर्क: बदलापुर में स्त्रीबीज के अवैध उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तस्करी का बड़ा खुलासा.
· भारी मुनाफा: तस्कर करोड़ों कमा रहे हैं, जबकि दाताओं को सिर्फ 15-20 हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं.
· हाई-प्रोफाइल लिंक: अभिनेत्री, मॉडल, खिलाड़ी और उद्योगपति महिलाओं के बीजों की भारी मांग और ऊंचे दाम.
· रेट कार्ड: महिला की सुंदरता और सोशल स्टेटस के आधार पर 2 लाख से लेकर करोड़ों तक का रेट फिक्स.
· स्वास्थ्य का खतरा: जरूरतमंद महिलाओं को लालच देकर उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
सवाल-जवाब
बदलापुर के इस तस्करी मामले में महिलाओं के बीजों की कीमत किस आधार पर तय की जा रही है?
इस अवैध मार्केट में स्त्रीबीज की कीमत महिला की सुंदरता, उसकी शारीरिक बनावट, उसके पेशे और सामाजिक प्रतिष्ठा के आधार पर तय होती है. उदाहरण के तौर पर, मजदूर महिलाओं के लिए यह रेट 2 लाख है, जबकि मॉडल्स और अभिनेत्रियों के लिए यह सौदा करोड़ों रुपये तक पहुँच जाता है. यह वर्गीकरण तस्करों के एक संगठित ‘रेट कार्ड’ के माध्यम से संचालित हो रहा है.
इस अवैध कारोबार का पीड़ित महिलाओं पर क्या प्रभाव पड़ रहा है?
इस रैकेट में शामिल तस्कर आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को चंद हजार रुपयों का लालच देते हैं, लेकिन प्रक्रिया के दौरान दी जाने वाली दवाओं और असुरक्षित चिकित्सा पद्धतियों के कारण इन महिलाओं को गंभीर शारीरिक और मानसिक बीमारियों का सामना करना पड़ता है. साथ ही, उन्हें उनके बीजों की वास्तविक बाजार कीमत से अंधेरे में रखकर उनके साथ बड़ा आर्थिक धोखा किया जा रहा है.


