Potting Soil Mix At Home: घर में हरियाली लाने का शौक आजकल तेजी से बढ़ रहा है. लोग बालकनी, छत और खिड़की के पास छोटे-छोटे गमलों में फूल, सब्जियां और सजावटी पौधे लगा रहे हैं. मगर अक्सर देखा जाता है कि महंगे पौधे खरीदने के बाद भी कुछ ही दिनों में उनकी ग्रोथ रुक जाती है, पत्ते पीले पड़ जाते हैं या जड़ें सड़ने लगती हैं. ऐसे में लोग पानी, धूप या खाद को दोष देते हैं, जबकि असली गलती मिट्टी की तैयारी में होती है. गमले की मिट्टी अगर सही तरह तैयार न हो, तो पौधा चाहे कितना भी अच्छा हो, ज्यादा दिन स्वस्थ नहीं रह पाता. यही वजह है कि अनुभवी माली हमेशा कहते हैं कि पौधे की असली ताकत उसकी मिट्टी में छिपी होती है. सही पॉटिंग सॉइल मिक्स पौधे को पोषण, नमी और हवा तीनों देता है. सोशल मीडिया पर अल्फा वाटिका नाम से पहचानी जाने वाली गार्डनिंग एक्सपर्ट विदुषी मलिक ने घर पर ही संतुलित पॉटिंग मिक्स तैयार करने का आसान तरीका बताया है, जिसे अपनाकर कोई भी व्यक्ति अपने गमलों के पौधों को लंबे समय तक हरा-भरा और फूलों से लदा रख सकता है.
पॉटिंग सॉइल मिक्स क्यों जरूरी है
गमले की जगह सीमित होती है, इसलिए पौधे की जड़ें जमीन की तरह फैल नहीं पातीं, अगर मिट्टी भारी या चिपचिपी हो, तो पानी रुक जाता है और जड़ें सड़ जाती हैं. वहीं बहुत हल्की मिट्टी में पोषण नहीं रहता. संतुलित मिक्स ही ऐसा माध्यम बनाता है जिसमें जड़ें आसानी से बढ़ें, हवा मिलती रहे और नमी भी बनी रहे.
10 गमलों के लिए सही अनुपात
विदुषी मलिक के मुताबिक 10 मध्यम आकार के गमलों के लिए यह अनुपात सबसे बढ़िया माना जाता है:
-4 भाग साधारण बगीचे की मिट्टी
-3 भाग वर्मीकंपोस्ट या सड़ी गोबर खाद
-2 भाग कोकोपीट
-1 भाग रेत
यह अनुपात मिट्टी को न ज्यादा भारी रखता है, न ज्यादा हल्का.
बेस के लिए साधारण मिट्टी तैयार करें
किसी भी पॉटिंग मिक्स की नींव साधारण मिट्टी होती है. बगीचे या खेत की मिट्टी लें. अगर मिट्टी बहुत सख्त हो, तो उसे धूप में फैलाकर सुखा लें और गुठलियां तोड़ दें. पत्थर या कचरा निकाल दें. यह मिट्टी जड़ों को पकड़ देती है, जिससे पौधा सीधा और मजबूत खड़ा रहता है.
पौधों की ताकत बढ़ाने के लिए खाद
मिश्रण में 3 भाग वर्मीकंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी गोबर खाद मिलाएं. यह पौधों को धीरे-धीरे पोषण देती रहती है.
ध्यान रखें:
-गोबर की खाद कम से कम 8–12 महीने पुरानी हो
-कच्ची खाद जड़ों को नुकसान पहुंचा सकती है
वर्मीकंपोस्ट हल्की और सुरक्षित खाद मानी जाती है, जो गमलों के पौधों के लिए बहुत अच्छी रहती है.
नमी बनाए रखने के लिए कोकोपीट
गमलों की मिट्टी अक्सर जल्दी सूख जाती है. इससे पौधे को बार-बार पानी देना पड़ता है. इस परेशानी से बचने के लिए 2 भाग कोकोपीट मिलाया जाता है. कोकोपीट नारियल के छिलके से बना हल्का भुरभुरा पदार्थ है, जो पानी सोखकर धीरे-धीरे छोड़ता है. इससे मिट्टी नम रहती है और जड़ों के आसपास ठंडक बनी रहती है.
ड्रेनेज के लिए रेत का रोल
1 भाग रेत मिलाना बहुत जरूरी है. रेत मिट्टी को भुरभुरी बनाती है और अतिरिक्त पानी को नीचे जाने का रास्ता देती है, अगर गमले में पानी रुकता है, तो जड़ें सड़ना तय है. रेत मिलने से मिट्टी में हवा भी पहुंचती रहती है, जिससे जड़ें स्वस्थ रहती हैं.
कीड़ों और फंगस से बचाव
मिट्टी में कीड़े, फफूंद और बैक्टीरिया लगना आम बात है. इसलिए तैयार मिक्स में थोड़ी मात्रा में नीम खली मिलाएं.
फायदे:
-मिट्टी को प्राकृतिक सुरक्षा
-जड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े कम
-धीरे-धीरे पोषण भी मिलता है
बरसात या ज्यादा नमी वाले इलाकों में चुटकी भर फंगीसाइड पाउडर मिलाना भी सुरक्षित रहता है.
मिक्स करने का सही तरीका
सभी सामग्री को जमीन या तिरपाल पर फैलाएं. फावड़ा या हाथों की मदद से कई बार उलट-पलट कर मिलाएं. मिक्स ऐसा हो कि हर मुट्ठी में सभी चीजें बराबर दिखें. गमले में भरने से पहले इस मिट्टी को एक दिन धूप दिखा दें. इससे नमी संतुलित होती है और हानिकारक जीवाणु कम हो जाते हैं.
किन पौधों में यह मिक्स सबसे अच्छा
यह पॉटिंग मिक्स लगभग सभी गमले वाले पौधों में काम करता है:
-फूल वाले पौधे
-पत्तेदार सजावटी पौधे
-सब्जियां
-हर्ब्स
गार्डनिंग की छोटी मगर जरूरी टिप
गमले में मिट्टी भरते समय नीचे छेद पर कंकड़ या टूटा टेराकोटा टुकड़ा रखें. इससे पानी बाहर निकलता रहेगा और मिट्टी बहकर नहीं जाएगी.


