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मुरादाबाद के किसान अब पारंपरिक फसलों से आगे बढ़कर गिलकी की उन्नत खेती से बेहतर कमाई कर रहे हैं. कम लागत, कम समय और अधिक उत्पादन वाली यह सब्जी फसल महज 4 महीनों में 1 से 1.5 लाख रुपये प्रति एकड़ तक का शुद्ध मुनाफा देने की क्षमता रखती है. सही तकनीक, मचान विधि और जैविक प्रबंधन अपनाकर किसान अपनी आय दोगुनी करने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा सकते हैं.
मुरादाबाद. मुरादाबाद के किसान भाई गिलकी की उन्नत खेती अपनाकर मात्र 4 महीने में प्रति एकड़ 1 से 1.5 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. सही उन्नत किस्मों, मचान विधि और जैविक प्रबंधन से 140-150 क्विंटल प्रति एकड़ तक पैदावार संभव है. यह फसल कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली साबित हो रही है.
गिलकी की खेती न केवल किसानों की आय बढ़ाती है, बल्कि मिट्टी की उर्वरता भी बेहतर बनाए रखने में सहायक है. ऐसे में किसान इस अवसर का लाभ उठाकर अपनी आमदनी को मजबूत बना सकते हैं.
इन दिनों करें बुवाई
कृषि वैज्ञानिक डॉ. दीपक मेहंदी रत्ता के अनुसार, मुरादाबाद क्षेत्र में गिलकी की खेती फरवरी के अंतिम सप्ताह से मार्च माह तक की जा सकती है. बीज को लगभग 2 सेंटीमीटर की गहराई पर बोया जाता है. इसके लिए 4 से 5 किलो बीज प्रति हेक्टेयर पर्याप्त होता है. पौधे से पौधे की दूरी 70 से 80 सेंटीमीटर और लाइन से लाइन की दूरी 1.5 से 2 मीटर रखनी चाहिए. अच्छी पैदावार के लिए खेत में नमी बनाए रखना जरूरी है. इसके लिए मल्चिंग का प्रयोग करें, चाहे प्लास्टिक मल्चिंग हो या कृषि अवशेष (पराली आदि). इस विधि से 70 से 80 दिनों के भीतर फल आना शुरू हो जाता है.
आमदनी का मजबूत जरिया
गिलकी की खेती से किसान एक हेक्टेयर में डेढ़ से दो लाख रुपये तक की आमदनी कर सकते हैं. बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे अच्छे दाम मिलते हैं. आजकल उपभोक्ताओं में हरी सब्जियों की मांग बढ़ने के कारण गिलकी की बिक्री तेज हो रही है. ऐसे में किसान यदि योजनाबद्ध तरीके से इसकी खेती करें और सीधे बाजार में बिक्री करें, तो निश्चित रूप से बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं.
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पिछले 4 साल से मीडिया इंडस्ट्री में काम कर रही हूं और फिलहाल News18 में कार्यरत हूं. इससे पहले एक MNC में भी काम कर चुकी हूं. यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की बीट कवर करती हूं. खबरों के साथ-साथ मुझे…और पढ़ें


