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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में देश की पहली रीजनल रैपिड रेल नमो भारत और मेरठ मेट्रो का हाल ही में शुभारंभ किया. हालांकि आरआरटीएस कॉरिडोर के कुछ हिस्सा का पहले ही उद्घाटन हो चुका है. दोनों ही ट्रेनें एक ही कॉरिडोर और ट्रैक पर चल रही हैं. लेकिन दोनों का प्लेटफॉर्म अलग-अलग है.
मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन का उद्घाटन.
मेरठः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ में देश की पहली रीजनल रैपिड रेल नमो भारत और मेरठ मेट्रो का हाल ही में शुभारंभ किया. हालांकि आरआरटीएस कॉरिडोर के कुछ हिस्सा का पहले ही उद्घाटन हो चुका है. दोनों ही ट्रेनें एक ही कॉरिडोर और ट्रैक पर चल रही हैं. लेकिन दोनों का प्लेटफॉर्म अलग-अलग है. ऐसे में ट्रेन से यात्रा करने वाले लोगों को किसी तरह का कंफ्यूजन ना हो, इसके लिए रैपिड रेल और मेट्रो ट्रेन के बीच कई सारे अंतर रखे गए हैं, जैसे कि उनके रंग, कोच संख्या और अन्य दूसरे फीचर्स. बता दें कि नमो भारत ट्रेन लंबी दूरी की यात्रा के लिए है और जबकि मेट्रो ट्रेन मेरठ शहर के अंदर के लिए है. ऐसे में हम आपको उन सभी अंतर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के बीच है ताकि अगर आप यात्रा करें तो परेशान ना हों.
मेरठ मेट्रो और नमो भारत ट्रेन में क्या अंतर
सबसे पहले कोच की संख्या को लेकर बात करें तो नमो भारत ट्रेन में कुल 6 कोच हैं. वहीं मेरठ मेट्रो में महज तीन कोच हैं. इसके अलावा कोच की विशेष व्यवस्था की बात करें तो नमो भारत में पहला कोच प्रीमियम क्लास का है और दूसरा कोच महिलाओं के आरक्षित हैं. वहीं मेरठ मेट्रो में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है. अब रंग की बात करें तो नमो भारत ट्रेन की बाहरी बॉडी पर मरून रंग की धारी बनी हुई है. जबकि मेरठ मेट्रो पर पैरट ग्रीन रंग की धारी है.
दोनों ट्रेनों के बीच रंग का अंतर
इसके अलावा दरवाजों के रंग की बात करें तो मेरठ मेट्रो के दरवाजों पर भी पैरट ग्रीन रंग की धारी है. यानी कि ट्रेन के रंग से मैच करता है. अब फ्रंट डिजाइन की बात करें तो मेरठ मेट्रो के आगे के हिस्से पर तिरंगा का डिजाइन बना हुआ है. इस डिजाइन से आप सीधे मेरठ मेट्रो को पहचान सकते हैं. वहीं नमो भारत ट्रेन में ऐसा कोई फ्रंट पर डिजाइन नहीं है. इसके अलावा अब स्पीड की बात करें तो नमो भारत ट्रेन सेमी हाई-स्पीड ट्रेन हैं, जिसकी अधिकतम रफ्तार 160 से 180 किलोमीटर प्रति घंटा है. वहीं मेरठ मेट्रो की अधिकतम रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा है.
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प्रशान्त राय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले हैं. प्रशांत राय पत्रकारिता में पिछले 8 साल से एक्टिव हैं. अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए प्रशांत राय फिलहाल न्यूज18 हिंदी के साथ पिछले तीन …और पढ़ें


