AI in Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो की चेतना अब यात्रियों के सारे काम करेगी. चाहे मेट्रो की टिकट बुक करनी हो, मेट्रो का किराया जानना हो या रियल टाइम सर्विसेज हों, डीएमआरसी की एआई चैटबॉट न केवल हर बात का जवाब देगी बल्कि कामों को सेकेंडों में निपटा भी देगी. दिल्ली मेट्रो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सेवा आस्क चेतना न केवल बातचीत करने वाली एआई सेवा है बल्कि यह टिकट बुक करने जैसे काम भी कर देती है.
चेतना किन कामों में करती है मदद?
चैटबॉट चेतना यात्रा की योजना बनाना, किराए की जानकारी देना, रियल-टाइम सेवा अपडेट देना, टिकट बुकिंग की सुविधा देने जैसे काम वेब और मोबाइल फोन दोनों पर देती है.
शिकायत मैनेजमेंट में एआई का उपयोग
डीएमआरसी ने यात्रियों की शिकायतों को जल्दी और बेहतर तरीके से हल करने के लिए एक आधुनिक शिकायत प्रबंधन प्रणाली शुरू की है, जिसे अब एआई आधारित बनाया जा रहा है. इसके पहले चरण में लिखित शिकायतों को एआई के माध्यम से स्वतः प्रोसेस कर दिया जाएगा जिससे शिकायत निपटाने का समय कम हो और प्रक्रिया पारदर्शी बने.
वहीं दूसरे फेज में हेल्पलाइन 155370 पर एआई आधारित वॉइस बॉट शुरू किया जाएगा, जो शिकायत को तुरंत समझकर दर्ज करेगा. जटिल मामलों में इसे मानव अधिकारी को भेजा जाएगा.
मेट्रो के ओवरहेड वायर की निगरानी के लिए एआई
डीएमआरसी ने मेट्रो के ऊपर लगे बिजली के तारों (OHE) की निगरानी के लिए एआई सिस्टम शुरू किया है. रेड लाइन (लाइन 1), येलो लाइन (लाइन 2) और ब्लू लाइन (लाइन 3/4) पर पैंटोग्राफ कोलिजन डिटेक्शन सिस्टम लगाया गया है. यह सेंसर के माध्यम से तार और ट्रेन के संपर्क की निगरानी करता है और गड़बड़ी पकड़ता है.
पिंक लाइन (लाइन 7) और मैजेंटा लाइन (लाइन 8) पर एआई आधारित वीडियो मॉनिटरिंग की जा रही है, जो वीडियो के जरिए किसी भी खराबी की पहचान करती है.
ट्रेन और ट्रैक सुरक्षा के लिए AI तकनीक
मेट्रो की पिंक लाइन (लाइन 7) पर ऑटोमैटिक व्हील प्रोफाइल मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है, जो चलते समय ट्रेन के पहियों की जांच करता है. पिंक लाइन (लाइन 7) और मैजेंटा लाइन (लाइन 8) पर एक्सल बेयरिंग तापमान मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है, जो अधिक गर्म होने की स्थिति में चेतावनी देता है. इससे ट्रेन सुरक्षा और बेहतर हुई है।
ट्रैक सर्किट के लिए प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस
ग्रीन लाइन (लाइन 5) और वायलेट लाइन (लाइन 6) पर AI आधारित प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम शुरू किया गया है.इससे ट्रेन लेट होने की संभावना कम होगी. ट्रैक पर अचानक मरम्मत की जरूरत कम पड़ेगी. कर्मचारियों का बेहतर उपयोग होगा. यात्रियों को सुरक्षित और सुगम सेवा मिलेगी.
आने वाले समय में डीएमआरसी और भी नई एआई तकनीकों को अपनाने की योजना बना रहा है। कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर और विशेषज्ञों के साथ मिलकर एआई क्षमता को और मजबूत किया जाएगा.


