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Women Success Story: अगर हुनर सीख लिया जाए, तो महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं. ऐसी ही कहानी कृष्णा स्वयं सहायता समूह की है, जिन्होंने चूल्हा-चौका छोड़ बिजनेस शुरू किया और आज वो लाखों की कमाई कर रही हैं. आइए इन महिलाओं की सफलता की कहानी के बारे में जानते हैं.
मुरादाबाद: महिलाएं भी अब घर का चूल्हा-चौका छोड़कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं. वहीं महिलाओं का एक समूह ऐसा है, जो घर का चूल्हा-चौका छोड़ आत्मनिर्भर ही नहीं, बल्कि इंजीनियर भी बन गया है. समूह द्वारा इलेक्ट्रिक उपकरण बनाए जा रहे हैं और उन्हें तैयार कर मार्केट में सेल किया जा रहा है, जिन्हें बहुत ही सस्ती दरों में सेल किया जा रहा है. इससे उनका मुनाफा बहुत अच्छा निकल रहा है और सभी महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई हैं और काफी खुश हैं.
यूट्यूब से मिला आइडिया
समूह की अध्यक्ष ललिता ने बताया कि हमारा कृष्णा स्वयं सहायता समूह चल रहा है, जिसमें हम एलईडी बल्ब तैयार करते हैं. हमारे समूह में 10 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिसमें चार महिलाएं एलईडी बल्ब बना रही हैं और 6 महिलाएं अन्य काम कर रही हैं. इसके साथ ही उनका कहना है कि हमें यूट्यूब पर देखकर यह आइडिया आया था और दिल्ली में ट्रेनिंग मिली थी. वहीं से रॉ-मैटेरियल भी मिला और हम मैटेरियल लाकर अपने घर पर विद्युत ब्रांड बनाकर यह इलेक्ट्रिक बल्ब तैयार किए हैं.
उन्होंने बताया कि एनएमएलएन से भी प्रेरणा मिली और हमने यह सोचकर बिजनेस स्टार्ट किया था कि गांव में ज्यादातर एलईडी लाइट की जरूरत होती है. ऐसे में हम एलइडी लाइट तैयार करके सेल करेंगे, तो हमें बहुत अच्छा मुनाफा होगा और हमारे आसपास के लोगों को लाइट की सुविधा भी मिल जाएगी. सस्ते में बल्ब भी उपलब्ध हो जाएंगे.
एलईडी बल्ब बना आत्मनिर्भरता का माध्यम
हमारे द्वारा तैयार की गई एलईडी बल्ब 10 रुपए से शुरू होकर 50 रुपए तक के रेट में मिल जाती है. हमने शुरुआत में लोन लिया था और 15,000 रुपए से यह काम शुरू किया था. अब वर्तमान में लाखों रुपए तक का मुनाफा हो रहा है, जिसमें हम सभी समूह की महिलाएं मिलकर बांट लेती हैं. इस काम से हम सभी महिलाएं बहुत ज्यादा खुश हैं और हम अन्य महिलाओं को भी यही प्रेरणा दे रही हैं कि वो भी अपना एक समूह बनाकर स्टार्टअप शुरू करके अच्छा मुनाफा कमा सकती हैं.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


