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यूपी में शिक्षा मत्रों और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ोतरी से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा. हालांकि सरकार का कहना है कि प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और शिक्षकों के मनोबल को बढ़ाने के लिए यह निर्णय आवश्यक है. मानदेय बढ़ने से शिक्षा मित्र खुशी जता रहे हैं.
यूपी में शिक्षा मित्र और अनुदेशक लंबे समय से सैलरी बढ़ाए जाने की मांग करते रहे हैं. (फोटो AI)
लखनऊ : यूपी विधानसभा के बजट सत्र में सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को बड़ा ऐलान किया. यह ऐलान प्रदेश के शिक्षा मित्रों के लिए है. शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये कर दिया गया है. वहीं, अनुदेशकों का मानदेय 17 हजार रुपये कर दिया गया है. अप्रैल से शिक्षा मित्रों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा. यह फैसला शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के लिए काफी राहत और खुशियों भरा है. वह लंबे समय से अपनी सैलरी बढ़ाने और दूसरी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन करते आ रहे हैं. आइये जानते हैं पूरी डिटेल…
अभी कितना मिलता है मानदेय?
अभी मौजूदा वक्त में शिक्षा मित्रों को लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है. नए फैसले के बाद उन्हें सीधे 8,000 रुपये की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा.
इसी तरह, अनुदेशकों को अब तक करीब 9,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाता रहा है, जिसे बढ़ाकर 17,000 रुपये किया जा रहा है. यानी उन्हें भी 8,000 रुपये तक की वृद्धि का लाभ मिलेगा.
कितनों को मिलेगा लाभ?
प्रदेश में करीब 1.50 लाख से अधिक शिक्षा मित्र कार्यरत हैं. इसके अलावा लगभग 25,000 के आसपास अनुदेशक अलग-अलग परिषदीय विद्यालयों में सेवाएं दे रहे हैं. इस फैसले से करीब 1.75 लाख कर्मियों को सीधा लाभ मिलने का अनुमान है.
लंबे समय से थी मांग
बता दें कि शिक्षा मित्र और अनुदेशक संगठन लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. कई बार प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपे गए थे. बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री की इस घोषणा को इन वर्गों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है.
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Senior Assistant Editor in News18 Hindi with the responsibility of Regional Head (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Bihar, Jharkhand, Rajasthan, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, Himachal Pradesh, Haryana). Active in jou…और पढ़ें


