नई दिल्ली (UP Board Exam Paper Leak Controversy). उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षाओं में गिनी जाती हैं. इतनी विशाल व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है. महाराजगंज जिले से एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंटरमीडिएट (कक्षा 12वीं) का फिजिक्स का प्रश्नपत्र एग्जाम डेट से लगभग 20 दिन पहले ही खोल दिया गया.
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 में कब और कैसे हुई चूक?
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज में स्थित एक परीक्षा केंद्र पर नियमित जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि कक्षा 12वीं के भौतिक विज्ञान (Physics) के प्रश्नपत्र का लिफाफा पहले से खुला हुआ था. नियमों के अनुसार, प्रश्नपत्र का पैकेट केवल परीक्षा वाले दिन, परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले ही स्टैटिक मजिस्ट्रेट और केंद्र व्यवस्थापक की मौजूदगी में खोला जाना चाहिए. लेकिन इस मामले में तय समय से 20 दिन पहले ही सील टूटी हुई पाई गई.
प्रशासन ने तुरंत की कार्रवाई
जैसे ही यह मामला सामने आया, जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया. जिलाधिकारी (DM) और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) ने तुरंत केंद्र का निरीक्षण किया और संबंधित केंद्र व्यवस्थापक और कक्ष निरीक्षकों से जवाब तलब किया. प्राथमिक जांच के आधार पर कुछ अधिकारियों को निलंबित करने और केंद्र की मान्यता पर विचार करने के निर्देश दिए गए हैं.
प्रश्नपत्रों की सुरक्षा का ‘डबल लॉक’ सिस्टम
यूपी बोर्ड की सुरक्षा प्रणाली काफी सख्त होती है. प्रश्नपत्रों को ‘डबल लॉक’ अलमारियों में रखा जाता है, जिसकी चाबियां अलग-अलग अधिकारियों के पास होती हैं. इसके अलावा, स्ट्रॉन्ग रूम की निगरानी 24 घंटे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों से की जाती है. इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड की मौजूदगी के बावजूद किसी ने जानबूझकर पेपर के साथ छेड़छाड़ की?
क्या यूपी बोर्ड परीक्षा रद्द होगी?
अक्सर ऐसी घटनाओं के बाद स्टूडेंट्स में डर फैल जाता है कि कहीं उनकी मेहनत बेकार न चली जाए. बोर्ड के सूत्रों के अनुसार, अगर साबित हो जाता है कि पेपर केवल खुला ही नहीं था बल्कि बाहर भी ‘लीक’ हो चुका है तो बोर्ड उस विशेष विषय की परीक्षा को रद्द कर नई डेट घोषित कर सकता है. हालांकि, प्रशासन कोशिश कर रहा है कि स्थिति को कंट्रोल में रखा जाए, जिससे छात्रों की एकाग्रता न टूटे.
पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून
उत्तर प्रदेश सरकार ने यूपी बोर्ड पेपर लीक और नकल माफियाओं के खिलाफ ‘गैंगस्टर एक्ट’ और ‘रासुका’ (NSA) जैसी सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हुए हैं. इसके तहत दोषियों की संपत्ति कुर्क करने और भारी जुर्माने का भी प्रावधान है. महाराजगंज मामले में भी दोषियों पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.
बोर्ड परीक्षा से जुड़े 5 GK फैक्ट्स (FAQ)
यूपी बोर्ड (माध्यमिक शिक्षा परिषद) का मुख्यालय कहां है?
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद का मुख्यालय प्रयागराज में है.
प्रश्नपत्र की सील परीक्षा से पहले खोलना किस श्रेणी का अपराध है?
इसे परीक्षा अधिनियम के तहत गंभीर आपराधिक धोखाधड़ी माना जाता है, जिसमें जेल और भारी जुर्माना दोनों हो सकते हैं.
‘स्टैटिक मजिस्ट्रेट’ की परीक्षा केंद्र पर क्या भूमिका होती है?
इनकी जिम्मेदारी परीक्षा की शुचिता बनाए रखना और अपनी मौजूदगी में प्रश्नपत्रों का पैकेट खुलवाना और सील करवाना होता है.
यूपी बोर्ड एशिया का सबसे बड़ा बोर्ड क्यों कहलाता है?
हर साल हाईस्कूल और इंटरमीडिएट मिलाकर 50 लाख से भी अधिक छात्र यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन करवाते हैं. इसलिए इसे एशिया का सबसे बड़ा स्कूल बोर्ड कहा जाता है.
यूपी पेपर लीक की स्थिति में बोर्ड की हेल्पलाइन क्या है?
यूपी बोर्ड ने अफवाहों और शिकायतों के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर और एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जिस पर छात्र सीधे संपर्क कर सकते हैं.


