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शिक्षामित्र मानदेय बढ़त: यूपी सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है, जिसके बाद शिक्षामित्रों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई. उन्होंने सरकार का धन्यवाद करते हुए उनके फैसले की तारीफ की. आइए देखते हैं कि सरकार के इस फैसले को लेकर शिक्षामित्रों ने क्या कुछ कहा.
यूपी शिक्षामित्र
गोरखपुर: योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी की घोषणा कर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने साफ किया है कि बढ़ा हुआ मानदेय जो 18 हजार रुपये है, वो अप्रैल से लागू किया जाएगा. इस घोषणा के बाद प्रदेशभर के शिक्षामित्रों में उत्साह का माहौल है.
गोरखपुर में शिक्षामित्र बेचन सिंह और लाल धर निषाद ने सरकार के फैसले का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि लंबे समय से शिक्षामित्र आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे. सीमित मानदेय में घर-परिवार चलाना, बच्चों की पढ़ाई और खुद के इलाज का खर्च उठाना बेहद मुश्किल हो रहा था. कई बार अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भी संघर्ष करना पड़ता था.
सरकार की ओर से राहत भरा कदम
बेचन सिंह ने बताया कि हम लोग कई सालों से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे. अब जब सरकार ने हमारी बात सुनी है, तो यह हमारे लिए राहत भरा कदम है. वहीं लाल धर निषाद ने कहा कि यह सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि हमारे सम्मान से जुड़ा फैसला है.
शिक्षा व्यवस्था में अहम भूमिका
शिक्षामित्र पिछले कई वर्षों से परिषदीय स्कूलों में बच्चों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक शिक्षा को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है. ऐसे में सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती देगा. विशेषज्ञों का मानना है कि मानदेय बढ़ने से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ेगा और वे और बेहतर ढंग से अपनी जिम्मेदारियां निभा पाएंगे. इससे सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.
शब्दों में बयां नहीं कर सकते खुशी
शिक्षामित्रों का कहना है कि यह पल उनके लिए बेहद अहम और भावुक कर देने वाला है. हम अपनी खुशी शब्दों में बयां नहीं कर सकते. यह हमारे संघर्ष की जीत है. सरकार की इस घोषणा को शिक्षामित्रों के लिए एक बड़े तोहफे के रूप में देखा जा रहा है. अप्रैल से लागू होने वाले इस फैसले के बाद प्रदेश के हजारों शिक्षामित्रों को सीधा लाभ मिलेगा. यह निर्णय न केवल आर्थिक राहत देने वाला है, बल्कि शिक्षामित्रों के आत्मसम्मान और भविष्य की उम्मीदों को भी नई दिशा देने वाला साबित होगा.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.


