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कानपुर में आयोजित एमएसएमई लीडरशिप कांक्लेव में योगी सरकार ने 50 लाख रुपये तक की एकमुश्त ऑनलाइन सब्सिडी देने की घोषणा की. अधिकारियों ने कहा कि इसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को मजबूत करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और रोजगार के अवसर सृजित करना है. उद्यमियों ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया और उम्मीद जताई कि कानपुर का उद्योग क्षेत्र नई ऊंचाइयों को छुएगा.
कानपुर. शहर के एमएसएमई इकाई संचालकों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है. योगी सरकार ने 50 लाख रुपये तक की एकमुश्त सब्सिडी देने की घोषणा की है. जैसे ही यह ऐलान कानपुर में आयोजित एमएसएमई लीडरशिप कांक्लेव में किया गया, वहां मौजूद उद्यमियों के चेहरे खुशी से खिल उठे. कार्यक्रम में अधिकारियों ने साफ कहा कि अब एमएसएमई इकाइयों को मजबूत करने के लिए सरकार हरसंभव मदद देगी. खास बात यह है कि सब्सिडी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी. यानी उद्यमियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, वे अपनी इकाई से ही आवेदन कर सकेंगे और प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे.
ऑनलाइन प्रक्रिया से आसान होगी राह
एमएसएमई विभाग के अपर आयुक्त उद्योग राजकमल यादव ने कहा कि हर इकाई संचालक को अलग-अलग तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. विभाग का प्रयास है कि इन समस्याओं का तेजी से समाधान हो, उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि कानपुर के उत्पाद देश ही नहीं, बल्कि दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचें. इसके लिए उत्पादों की गुणवत्ता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि सब्सिडी मिलने से छोटे और मध्यम उद्योगों को नई मशीनें लगाने, तकनीक सुधारने और कारोबार बढ़ाने में मदद मिलेगी. इससे रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
विधानसभा अध्यक्ष ने दिया भरोसा
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि योगी सरकार उद्यमियों के साथ खड़ी है. उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पर कराया जाएगा. पूरे प्रदेश में नए औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना की जा रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा निवेश आए और उद्योगों का विस्तार हो. इस मौके पर कमिश्नर के. विजयेंद्र पांडियन और एडीजी आलोक सिंह समेत कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि उद्योगों को आगे बढ़ाने में प्रशासन पूरी तरह सहयोग करेगा.
20 हजार करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य
फीटा के महासचिव उमंग अग्रवाल ने बताया कि कानपुर में एमएसएमई विभाग की ओर से 30 से अधिक नीतियां लागू की जा चुकी हैं. विभाग का लक्ष्य है कि अगले तीन वर्षों में कानपुर का निर्यात कारोबार 10 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 हजार करोड़ रुपये तक पहुंचाया जाए. उन्होंने कहा कि इंडो अमेरिकन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स की ओर से पहली बार इस तरह का कांक्लेव आयोजित किया गया. इसमें कानपुर के अलावा लखनऊ, नोएडा समेत कई शहरों से उद्यमी शामिल हुए. 50 लाख रुपये तक की एकमुश्त सब्सिडी की घोषणा को उन्होंने सरकार का बड़ा और सकारात्मक कदम बताया. इस घोषणा से कानपुर के एमएसएमई सेक्टर में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है. उद्यमियों को उम्मीद है कि सरकारी सहयोग और आसान प्रक्रियाओं के साथ अब उनका कारोबार नई ऊंचाइयों को छुएगा और कानपुर एक बार फिर औद्योगिक पहचान को मजबूत करेगा.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें

