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होली पर परंपरा है कि सबसे पहले लोग अपने आराध्य को अबीर-गुलाल अर्पित करते हैं. अब इसी परंपरा में एक नया रंग जुड़ गया है. कई परिवार अब भगवान के साथ प्रतीकात्मक होली खेलने के लिए खास पिचकारी खरीद रहे हैं. मंदिरों और घरों में स्थापित ठाकुर जी के लिए यह छोटी पिचकारी खास तौर पर ली जा रही है. रंग बाजार के व्यापारी राजेश गुप्ता बताते हैं, “इस बार ग्राहकों की सोच में बदलाव दिख रहा है. लोग बच्चों के साथ-साथ भगवान के लिए भी अलग से पिचकारी ले रहे हैं. ₹20 वाली कान्हा पिचकारी की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है. रोज सैकड़ों पीस बिक रहे हैं.”
कानपुर: कानपुर महानगर में होली का त्योहार जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे रंग बाजार की रौनक बढ़ती जा रही है. सुबह से लेकर देर शाम तक बाजार में खरीदारों की भीड़ नजर आ रही है. इस बार सबसे ज्यादा डिमांड एक खास तरह की ‘कान्हा पिचकारी’ की है, जिसकी कीमत सिर्फ ₹20 से शुरू हो रही है.
₹20 में ग्राहकों को एक छोटी सुंदर पिचकारी और साथ में अबीर-गुलाल की छोटी पैकिंग मिल रही है. आकार छोटा जरूर है, लेकिन डिजाइन आकर्षक है. रंग-बिरंगी और भगवान श्रीकृष्ण को ध्यान में रखकर तैयार की गई यह पिचकारी लोगों को खूब पसंद आ रही है.
भगवान संग होली खेलने का बढ़ा उत्साह
होली पर परंपरा है कि सबसे पहले लोग अपने आराध्य को अबीर-गुलाल अर्पित करते हैं. अब इसी परंपरा में एक नया रंग जुड़ गया है. कई परिवार अब भगवान के साथ प्रतीकात्मक होली खेलने के लिए खास पिचकारी खरीद रहे हैं. मंदिरों और घरों में स्थापित ठाकुर जी के लिए यह छोटी पिचकारी खास तौर पर ली जा रही है. रंग बाजार के व्यापारी राजेश गुप्ता बताते हैं, “इस बार ग्राहकों की सोच में बदलाव दिख रहा है. लोग बच्चों के साथ-साथ भगवान के लिए भी अलग से पिचकारी ले रहे हैं. ₹20 वाली कान्हा पिचकारी की सबसे ज्यादा बिक्री हो रही है. रोज सैकड़ों पीस बिक रहे हैं.”
आसपास के जिलों से भी आ रहे व्यापारी
सिर्फ कानपुर शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के उन्नाव, फतेहपुर और इटावा जैसे जिलों से भी व्यापारी यहां पहुंच रहे हैं. वे इस कान्हा पिचकारी को थोक में खरीदकर अपने-अपने बाजारों में ले जा रहे हैं. कम कीमत और धार्मिक जुड़ाव की वजह से गांव और कस्बों में भी इसकी मांग तेजी से बढ़ी है. दुकानदारों का कहना है कि इस बार बाजार में रंग, गुलाल और बड़ी पिचकारियों की भी अच्छी बिक्री हो रही है, लेकिन सबसे ज्यादा भीड़ इसी छोटी कान्हा पिचकारी के काउंटर पर देखी जा रही है. बच्चों को इसका रंगीन लुक पसंद आ रहा है, वहीं बड़े लोग इसे आस्था से जोड़कर खरीद रहे हैं.
आने वाले दिनों में और बढ़ेगी बिक्री
व्यापारियों को उम्मीद है कि जैसे-जैसे होली नजदीक आएगी, बाजार की रफ्तार और तेज होगी. अभी से जिस तरह की भीड़ उमड़ रही है, उससे साफ है कि इस बार कानपुर की होली में भक्ति और रंग का अनोखा संगम देखने को मिलेगा. ₹20 की यह छोटी सी पिचकारी इस बार शहर के रंग बाजार की सबसे बड़ी पहचान बनती जा रही है. लोग अब सिर्फ एक-दूसरे के साथ ही नहीं, बल्कि अपने आराध्य के साथ भी होली खेलने की तैयारी में जुटे हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें


