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Ranchi Success Story : रांची की किरण ने यूट्यूब से ऊन से डेकोरेटिव आइटम्स बनाना सीखा. इसके बाद सरकार से लोन लेकर घर से काम शुरू किया और अब महीने में 25000-30000 कमा रही हैं. किरण ने बताया कि यूट्यूब ने तो उनकी जिंदगी ही बदल दी.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची की किरण कभी हाउसवाइफ हुआ करती थी. उन्होंने बताया कि वह ग्रेजुएशन तक पढ़ी हुई हैं, लेकिन कभी बाहर नौकरी करने का अवसर ही नहीं मिला. वैसा कोई स्किल भी नहीं थी, लेकिन हां अपनी दादी से ऊन से कई सारी चीजें बनाना जरूर सीखी थी. वह स्वेटर से लेकर हर एक चीज आसानी से बना लेती हैं. अब जब बच्चे बड़े हो गए हैं, तब लगा कि खुद भी कुछ करना चाहिए. उन्होंने बताया कि जब बच्चे सेटल हो गये. तब उन्होंने भी अपने शौक को पंख देने का काम किया.
किरण ने बताया कि उन्हें सरकार की तरफ से भी मदद मिली. सरकार से लोन मिला और घर के खूबसूरत डेकोरेटिव आइटम्स बनाना शुरू किया. यह सारी चीज वह अपने हाथ से ही बनाती हैं और आज आराम से महीने की 25000-30000 तक की कमाई हो जाती है. पहले ₹1 की भी कमाई नहीं थी, लेकिन आज वह घर का राशन पानी खुद चलाती हैं.
हेयर क्लिप से लेकर रंग-बिरंगे फूल भी हैं बनाती
किरण बताती हैं कि वह ऊन से हेयर क्लिप बनाती हैं. इसके अलावा बाल में लगाने वाले बैंड, घर में सजाने के लिए खूबसूरत रंग-बिरंगे कई तरह के फूल गुलाब से लेकर सनफ्लावर तक. बैठने के लिए आसन, सजाने के लिए खूबसूरत डिजाइनर चीज बनाती हैं. ये सब बनाना उन्होंने यूट्यूब से ही सीखा है. हालांकि बनना तो पहले से आता था, पर जो डिजाइन बनानी है. वह इसकी फिनिशिंग के लिए यूट्यूब से देख कर एक हफ्ते में ही पूरी तरह ट्रेंड हो गई थी.
यूट्यूब ने बदल दी जिंदगी
किरण आगे बताती हैं कि कई बार ऐसा होता था कि उन्हें बनाने में कुछ गड़बड़ी हो जाती है और नहीं समझ में आता था क्या आइटम बनाएं, ये भी समझ नहीं आता था. इसके बाद उन्होंने यूट्यूब पर वीडियो देखना शुरू किया. वहां पर कई सारी चीज बहुत अच्छे से सिखाई गई. वहां पर उन्हें कई सारे वीडियो मिल भी गए. इस वीडियो को उन्होंने हथियार बनाया. आज फोन सबके पास है तो उनके पास भी था. बस हर दिन एक घंटा यूट्यूब पर वीडियो देखती थी.
आज करती हैं गर्व महसूस
किरण बड़े गर्व के साथ बताती हैं कि आज वह बड़ा अच्छा महसूस करती हैं. आज अपना घर चला रही हैं. इस उम्र में आकर खुद कमा रही हैं. वह सोचती हैं कि काश ये काम और पहले शुरू कर लिया होता, लेकिन कोई बात नहीं, बच्चों को पालना भी जरूरी था. उम्र का क्या है, उम्र तो सिर्फ एक नंबर है. आज किसी से एक पैसा मांगने की जरूरत नहीं पड़ती है. खुद के शौख भी पूरे कर रही हैं और परिवार को भी चला रही हैं.
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बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में लगभग 4 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटेंट राइटर…और पढ़ें


