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मशहूर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप का मानना है कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ उनके करियर के लिए एक ऐसी विरासत है जिसने उन्हें बनाया भी और ‘बर्बाद’ भी किया. फिल्म की जबरदस्त सफलता के कारण आज भी लोग उनकी हर फिल्म की तुलना इसी से करते हैं, जिससे उनके नए एक्सपेरिटमेंट दब जाते हैं. फिल्म ‘निशांची’ की नाकामी और ‘वासेपुर 3’ की डिमांड से वे काफी परेशान हैं. अनुराग का कहना है कि वे खुद को दोहराना नहीं चाहते और ‘वासेपुर’ के साये से बाहर निकलकर अपनी एक नई पहचान बनाना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई है.
अनुराग कश्यप ‘वासेपुर’ की विरासत से आगे निकलना चाहरते हैं.
नई दिल्ली: अनुराग कश्यप का मानना है कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ एक ऐसी फिल्म है जिसने उन्हें शोहरत की बुलंदियों पर तो पहुंचाया, लेकिन साथ ही उनके करियर के लिए एक बड़ी मुसीबत भी बन गई. 2012 में आई इस फिल्म ने हिंदी सिनेमा में गैंगस्टर कहानियों का चेहरा बदल दिया, पर आज एक दशक बाद भी अनुराग इसी फिल्म के साये से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. उन्होंने इसके बाद दर्जनों फिल्में बनाईं और एक्टिंग में भी हाथ आजमाया, लेकिन जनता को आज भी बस ‘वासेपुर’ ही याद है. अनुराग थोड़े मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि लोग उनके साथ सेल्फी तो खूब खिंचवाते हैं, पर हर कोई बस एक ही सवाल पूछता है, ‘सर, वासेपुर 3 कब ला रहे हो?’ इस एक सवाल ने उन्हें इतना तंग कर दिया है कि उन्होंने साफ कह दिया है कि वे कभी इसका तीसरा हिस्सा नहीं बनाएंगे, क्योंकि वे खुद को दोहराना नहीं चाहते.
फिल्म ‘निशांची’ के फ्लॉप होने के पीछे भी अनुराग कश्यप ‘वासेपुर’ की विरासत को ही एक बड़ी वजह मानते हैं. अनुराग ने ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि लोग हर क्राइम फिल्म की तुलना ‘वासेपुर’ से करने लगते हैं, जिससे नई फिल्मों को अपनी पहचान बनाने का मौका ही नहीं मिलता. ‘निशांची’ को दो हिस्सों में रिलीज करने का प्रयोग बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फेल रहा और फिल्म 2 करोड़ का आंकड़ा भी नहीं छू पाई. अनुराग को इस बात का गहरा दुख है कि दर्शक उनकी हर फिल्म में वही पुराना स्वाद ढूंढते हैं. वे कहते हैं कि अगर वे चाहते तो ‘वासेपुर’ की तरह वॉयसओवर डालकर कहानी को आसान बना सकते थे, लेकिन वे एक ही ढर्रे पर नहीं चलना चाहते, चाहे इसके लिए उन्हें दोबारा अपने स्ट्रगल के दिनों (इंडी डेज) में ही क्यों न जाना पड़े.
सिनेमा में कुछ नया करना चाहते हैं अनुराग कश्यप
अनुराग को इस लगातार होने वाली तुलना ने मानसिक रूप से काफी परेशान किया है. उन्होंने अपनी पार्टनर से यहां तक पूछ लिया कि क्या वे अब ‘आउटडेटेड’ हो रहे हैं या उनकी फिल्मों में अब पहले जैसी बात नहीं रही. उन्होंने मशहूर फिल्ममेकर फ्रांसिस फोर्ड कोपोला की ‘गॉडफादर’ का जिक्र करते हुए कहा कि ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ ने उन्हें बनाया भी और बर्बाद भी किया. यह फिल्म उनकी पहचान तो है, लेकिन साथ ही एक ऐसा पैमाना बन गई है जिसे पार करना उनके लिए नामुमकिन सा हो गया है. अनुराग कश्यप के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब यही है कि वे दुनिया को यह कैसे समझाएं कि वे ‘वासेपुर’ से बहुत आगे बढ़ चुके हैं और सिनेमा में कुछ नया करना चाहते हैं.
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अभिषेक नागर News 18 Digital में Senior Sub Editor के पद पर काम कर रहे हैं. वे News 18 Digital की एंटरटेनमेंट टीम का हिस्सा हैं. वे बीते 6 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे News 18 Digital से पहल…और पढ़ें


