विशेषज्ञों के टिप्स और लाभ

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गाजीपुर. अगर आप फूलों के शौकीन हैं और अपने बगीचे को इंद्रधनुषी रंगों से भरना चाहते हैं, तो पेटुनिया (Petunia) से बेहतर विकल्प कोई और नहीं हो सकता. गाजीपुर के पीजी कॉलेज में इन दिनों पेटुनिया के फूलों की बहार देखने लायक है. कॉलेज के अनुभवी माली शिवबचन और उद्यान विभाग के विशेषज्ञ डॉ. पी.के. सिंह ने इस सुंदर फूल को उगाने और इसकी व्यावसायिक क्षमता के बारे में खास जानकारी साझा की है.

दिसंबर से मार्च तक खिला रहेगा: माली शिवबचन के टिप्स

पीजी कॉलेज के माली शिवबचन बताते हैं कि पेटुनिया एक बेहद लचीला और खूबसूरत पौधा है. उनके अनुसार पेटुनिया लगभग 12 रंगों में उपलब्ध है, जिनमें लाल, गुलाबी और सफेद रंगों की मांग सबसे अधिक है. इसके पौधे नर्सरी में आसानी से 30-40 रुपये में मिल जाते हैं.

इसका रोपण और समय – इसे दिसंबर के महीने में लगाया जाता है, जनवरी और फरवरी में इसमें भरपूर फूल आते हैं और यह सिलसिला मार्च के अंत तक चलता है.

खाद और गुड़ाई – शिवबचन के अनुभव के मुताबिक, मिट्टी तैयार करते समय गोबर की खाद और डीएपी (DAP) का मिश्रण दिया जाता है. पौधा लगाने के बाद एक बार गुड़ाई करना जरूरी है. जैसे-जैसे पौधा बढ़ता है, हर 10 दिन पर खाद डालने से यह मार्च तक खिला-खिला रहता है.

कृषि विशेषज्ञों की राय: रिसर्च और आधुनिक तकनीक

उद्यान विभाग के डॉ. पी.के. सिंह के अनुसार, पेटुनिया अब केवल बगीचे की शोभा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रमुख व्यावसायिक फसल बन चुका है. हालिया कृषि शोधों ने इसे और भी उन्नत बना दिया है.

जीन एडिटिंग – डॉ. सिंह बताते हैं कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पेटुनिया में नए और आकर्षक रंग विकसित किए गए हैं. साथ ही, इनकी शेल्फ लाइफ (फूलों के टिकने की अवधि) को भी बढ़ाया गया है.

तनाव सहनशीलता – शोध से यह सिद्ध हुआ है कि सिलिकॉन और माइकोराइजा (लाभकारी फफूंद) के उपयोग से पेटुनिया में सूखा और खारी मिट्टी (लवण) झेलने की क्षमता बढ़ जाती है. इससे कम पानी वाले क्षेत्रों में भी इसे उगाना आसान हो गया है.

टिश्यू कल्चर – अब टिश्यू कल्चर के माध्यम से एक साथ हजारों रोगमुक्त पौधे तैयार किए जा रहे हैं, जो व्यावसायिक खेती (Protected Cultivation) के लिए गेम-चेंजर साबित हो रहे हैं.

पेटुनिया न केवल देखने में सुंदर है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह एक लाभदायक फसल है. अगर सही तरीके से कंपोस्ट और पोषण का प्रबंधन किया जाए, जैसा कि शिवबचन ने बताया, तो यह मार्च के अंत तक आपके बगीचे की रौनक बनाए रखता है.



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