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व्रत के अवसर पर श्रद्धालु उपवास रखते हैं और खान-पान में विशेष सावधानी बरतते हैं. सामान्य दिनों में बनने वाली जलेबी मैदा और दाल से तैयार की जाती है, जो व्रत में वर्जित मानी जाती है. ऐसे में ‘फलाहारी जलेबी’ एक खास विकल्प के रूप में लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. बिना मैदा और बिना दाल के तैयार यह जलेबी स्वाद में उतनी ही लाजवाब होती है. कई लोगों को तो इसका स्वाद पारंपरिक जलेबी से भी अधिक पसंद आता है.
झारखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल देवघर स्थित बैद्यनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के दिन देशभर से श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है. मंदिर परिसर और आसपास का इलाका मेले जैसा दृश्य प्रस्तुत करता है. पूजा-अर्चना, शिव बारात की झांकी और भक्ति संगीत के बीच उपवास रखने वाले भक्तों के लिए फलाहारी व्यंजनों की विशेष व्यवस्था की जाती है.
इन्हीं व्यंजनों में गरमागरम फलाहारी जलेबी विशेष आकर्षण का केंद्र होती है. इस दिन इसकी मांग कई गुना बढ़ जाती है. मंदिर क्षेत्र की लगभग हर मिठाई दुकान पर यह खास जलेबी तैयार की जाती है. आलू, केला, अरारोट और दूध से बने घोल को घी में तलकर चाशनी में डुबोया जाता है. बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम यह जलेबी स्वाद के साथ-साथ व्रत के नियमों का भी पूरी तरह पालन करती है. उपवास में मीठा खाने की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प बन चुकी है.
यदि आप घर पर फलाहारी जलेबी बनाना चाहते हैं, तो इसकी विधि बेहद सरल है. सबसे पहले एक कप चीनी और एक कप पानी मिलाकर चाशनी तैयार करें. चाशनी को पकाते समय उसमें इलायची डालें, जिससे सुगंध बढ़ जाए. चाशनी को एक तार की स्थिरता तक पकाना बेहतर रहता है, ताकि जलेबी उसमें अच्छी तरह लिपट सके.
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अब जलेबी का घोल तैयार करें. उबले हुए आलू को 5 से 10 मिनट ठंडा होने दें, फिर उसका छिलका हटाकर अच्छी तरह मैश कर लें. इसमें पका हुआ केला, अरारोट, थोड़ा दूध और इलायची पाउडर मिलाकर चिकना पेस्ट तैयार करें. ध्यान रखें कि घोल न अधिक पतला हो और न ही बहुत गाढ़ा सामान्य जलेबी के घोल जैसा ही होना चाहिए. अंत में थोड़ा केसर मिलाने से रंग और खुशबू दोनों निखर जाते हैं.
अब कढ़ाई में पर्याप्त मात्रा में घी गरम करें. तैयार घोल को कपड़े या पाइपिंग बैग में भरकर गोल-गोल आकार में गरम घी में डालें. मध्यम आंच पर जलेबियों को तब तक तलें, जब तक वे सुनहरी और कुरकुरी न हो जाएं. तली हुई जलेबियों को तुरंत गरम चाशनी में डालें और कुछ मिनट बाद बाहर निकाल लें.
गरमागरम फलाहारी जलेबी तैयार है. इसे दूध या फलाहारी रबड़ी के साथ परोसा जाए तो स्वाद दोगुना हो जाता है. महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर यह खास मिठाई न केवल स्वाद का आनंद देती है, बल्कि व्रत की परंपरा को भी मधुर बना देती है.


