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गाजियाबाद के जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिले की खस्ताहाल सड़कों को लेकर सख्त रुख अपनाया है. डीएम ने PWD, नगर निगम और GDA समेत सभी संबंधित विभागों को 30 दिन के भीतर 83 चिह्नित जर्जर सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अल्टीमेटम दिया है. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मरम्मत कार्य में लापरवाही के कारण यदि कोई हादसा होता है, तो संबंधित अधिकारी सीधे जिम्मेदार होंगे. प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर युद्ध स्तर पर काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं.
गाजियाबाद जिलाधिकारी ने 83 डैमेज पॉइंट्स पर लिया कड़ा एक्शन (फोटो-AI)
गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर के महत्वपूर्ण शहर गाजियाबाद की सड़कों की सूरत बदलने के लिए प्रशासन ने अब ‘मिशन मोड’ में काम शुरू कर दिया है. जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने जिले की खस्ताहाल सड़कों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित विभागों को दो-टूक चेतावनी दी है. डीएम ने स्पष्ट किया है कि सड़कों की मरम्मत में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने अधिकारियों को मात्र 30 दिन का समय दिया है, जिसके भीतर शहर की सभी प्रमुख और जर्जर सड़कों को गड्ढा मुक्त करना अनिवार्य होगा.
बुधवार को हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिले की सड़कों का विस्तृत सर्वे साझा किया. इस रिपोर्ट में जिले के 83 ऐसे स्थानों को चिह्नित किया गया है जहां सड़कें पूरी तरह जर्जर हैं या गहरे गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं. इन जगहों पर राजनगर एक्सटेंशन, मेरठ रोड और आरडीसी जैसे व्यस्त इलाके भी शामिल हैं. प्रशासन का मुख्य एजेंडा हर सड़क को सुरक्षित और गड्ढा मुक्त बनाना है ताकि आम जनता को सुगम यातायात मिल सके.
डीएम ने बैठक में सख्त लहजे में कहा कि यदि भविष्य में किसी खराब सड़क या विभाग की लापरवाही की वजह से कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी सीधी जवाबदेही और जिम्मेदारी संबंधित विभाग के अधिकारियों की होगी. उन्होंने निर्देश दिए कि अधिकारी केवल फाइलों पर काम न करें, बल्कि खुद मौके पर जाकर काम की गुणवत्ता की जांच करें. डीएम ने कहा,
जनता की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा. टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, अब काम जमीन पर नजर आना चाहिए.
विभागों के बीच काम का बंटवारा
सड़कों को सुधारने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग विभागों को उनकी जिम्मेदारी सौंप दी है. जिले की 83 सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करने का खाका तैयार है:
- लोक निर्माण विभाग: 20 सड़कें
- नगर निगम गाजियाबाद: 26 सड़कें
- यूपीसीडा: 5 सड़कें
- गाजियाबाद विकास प्राधिकरण: 5 सड़कें
- विभिन्न नगरपालिकाएं: 26 सड़कें
- आवास विकास: 1 सड़क
शिकायतों का होगा त्वरित निस्तारण
बैठक के दौरान एडीएम सिटी विकास कश्यप सहित सभी संबंधित विभागों के प्रमुख मौजूद रहे. डीएम ने निर्देश दिए कि जनता से प्राप्त होने वाली शिकायतों का निपटारा तत्काल प्रभाव से किया जाए. जहां भी दुर्घटना की संभावना है, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षा उपाय किए जाएं. अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि अधिकांश सड़कों के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है. इस सख्ती के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अगले एक महीने में गाजियाबाद के निवासियों को टूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम की समस्या से बड़ी राहत मिलेगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें


